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Budget Economic Survey: चीन को लेकर सर्वे में कही ये बातें, जानें इकोनॉमिक सर्वे से देश की आर्थिक हालात

Budget Economic Survey 2025 Highlights: 1 फरवरी, 2025 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) बजट (Budget 2025) पेश करेंगी। बजट से ठीक पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इकोनॉमिक सर्वे 2024-25 पेश कर दिया है। सर्वे में विभिन्न उत्पादों के लिए भारत की चीन पर निर्भरता को एक महत्वपूर्ण जोखिम बताया है।

मुख्य आर्थिक सलाहकार ने ग्लोबल सर्विस में एक बड़े प्लेयर के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने सुझाव दिया गया है कि भारत को 'घरेलू और विदेशी निवेश को आकर्षित करने, बढ़ावा देने और सुविधा प्रदान करने' के लिए आक्रामक तरीके से काम करना चाहिए।

Budget Economic Survey

इतना ही नहीं, सर्वे में कहा गया है कि चीन की ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी ट्रांजिशन इकोसिस्टम में मजबूत स्थिति बन गई है। चीन ने ग्लोबल सप्लाई चेन के लिए अहम माने जाने वाले रिसोर्सेज पर पॉलिसी के जरिए पहुंच और नियंत्रण हासिल कर लिए हैं जिससे उसे अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिली है।

वहीं, इकोनॉमिक सर्वे (आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25) में भारत को प्रतिस्पर्धी और नवोन्मेषी अर्थव्यवस्था बनने के लिए निवेश आकर्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंथा नागेश्वरन और उनकी टीम द्वारा लिखित सर्वेक्षण में आवश्यक वस्तुओं को आवश्यक पैमाने और गुणवत्ता पर उत्पादित करने में भारत की सीमाओं का उल्लेख किया गया है।

उदाहरण के लिए, भारत में कई सौर उपकरण निर्माता चीनी आपूर्ति श्रृंखलाओं पर बहुत अधिक निर्भर हैं। हालांकि, भारत भी लगातार ऐसे कदम उठा रहा है जिससे घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत बनाया जा सके इसमें FAME, प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेंटिव, प्रमोशन ऑफ मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक पैसेंजर कार्स इन इंडिया जैसी स्कीम शामिल हैं।

ये योजनाएं भविष्य की नीतियों के लिए आधार का काम करेंगी जो ईवी इंडस्ट्री की मांगों को पूरा करने के लिए डिजाइन होंगी। ईवी सेक्टर की मांग बढ़ने से चीन की सप्लाई चेन पर निर्भरता बढ़ेगी। इसके लिए ऐसी नीतियां तैयारी करने की आवश्यकता होगी जिससे एक आत्मनिर्भर इकोसिस्टम पर जोर दिया जाए और ऐसी निर्भरता से उठने वाले जोखिम कम हों।

आर्थिक विकास अनुमान
MoSPI के पहले अग्रिम अनुमान (FAE) से संकेत मिलता है कि वित्त वर्ष 25 के लिए वास्तविक GVA वृद्धि 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष की शुरुआती छमाही में कृषि और सेवा क्षेत्रों द्वारा संचालित वृद्धि देखी गई। रिकॉर्ड खरीफ उत्पादन और अनुकूल कृषि परिस्थितियों के कारण ग्रामीण मांग में सुधार हुआ।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 पेश किया। आगामी वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि 6.3 से 6.8 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है। सर्वेक्षण में कहा गया है, "घरेलू अर्थव्यवस्था की बुनियादी बातें मजबूत बनी हुई हैं, जिसमें मजबूत बाहरी खाता, संतुलित राजकोषीय समेकन और स्थिर निजी खपत शामिल है।"

इन कारकों के आधार पर वित्त वर्ष 26 की वृद्धि इसी सीमा के भीतर रहने की उम्मीद है। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक की दिसंबर 2024 की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट से पता चलता है कि बैंकिंग प्रणाली में सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियाँ (एनपीए) सकल ऋण और अग्रिमों के 2.6 प्रतिशत के साथ 12 साल के निचले स्तर पर आ गई हैं।

यह गिरावट भारत के बैंकिंग क्षेत्र के स्वास्थ्य में सुधार का संकेत देती है। निर्माण क्षेत्र आर्थिक मजबूती का एक और संकेतक रहा है, जो वित्त वर्ष 2021 के मध्य से गति पकड़ रहा है। यह महामारी से पहले के रुझान से लगभग 15 प्रतिशत ऊपर है। आर्थिक सर्वेक्षण में अपर्याप्त सुरक्षा उपायों के कारण कर्मचारियों के घायल होने की रिपोर्टों के बीच कार्यस्थल सुरक्षा पर भी ध्यान दिया गया है।

सर्वेक्षण में कहा गया है: "व्यापार में नैतिक आचरण और निष्पक्षता एक परिपक्व और विकसित समाज के संकेत और आधार हैं।" सर्वेक्षण प्रस्तुत होने के बाद, सेंसेक्स सूचकांक में सकारात्मक गति देखी गई और यह दिनभर के कारोबार में लगभग एक प्रतिशत बढ़कर 77,501.55 पर कारोबार कर रहा था।

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