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Exclusive Budget 2026: बजट में क्या सस्ता, क्या महंगा? किन सेक्टरों की लॉटरी –जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

Budget 2026: देश की नजरें अब Union Budget 2026 पर टिकी हैं। 1 फरवरी 2026, रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अपना नौवां लगातार बजट पेश करेंगी। खास बात यह है कि करीब एक दशक बाद पहली बार बजट रविवार को आएगा। बजट से पहले हलवा सेरेमनी, आर्थिक सर्वे और राष्ट्रपति का अभिभाषण हो चुका है, यानी सरकार का रोडमैप काफी हद तक साफ नजर आने लगा है।

ऐसे में आम आदमी से लेकर निवेशकों तक के मन में एक ही सवाल है - क्या इस बार बजट राहत देगा या जेब पर और बोझ डालेगा? इस साल बजट में AI, ऑटो, डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, MSME, रेलवे, रिन्यूएबल एनर्जी और अर्बन डेवलपमेंट जैसे सेक्टर चर्चा के केंद्र में हैं। इसके अलावा कृषि, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स और टूरिज्म को भी सरकार से खास उम्मीदें हैं। सवाल यही है कि इन घोषणाओं का सीधा असर आम आदमी की जेब पर कैसे पड़ेगा। आइए जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट।

Budget 2026

बजट की टाइमलाइन और माहौल क्या बता रहा है?

27 जनवरी को नॉर्थ ब्लॉक में हलवा सेरेमनी के साथ बजट की आखिरी तैयारी शुरू हुई। 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया और 29 जनवरी को आर्थिक सर्वे 2026 पेश हुआ। इससे साफ है कि सरकार विकास, निवेश और रोजगार को लेकर आक्रामक मूड में है। बजट सत्र का पहला हिस्सा 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा हिस्सा 9 मार्च से 2 अप्रैल तक होगा।

▶️रिटेल और MSME: छोटे कारोबारियों और महिलाओं को मिलेगी राहत?

Oneindia Hindi से खास बातचीत में Rosemoore की डायरेक्टर रिधिमा कंसल ने कहा कि भारत का रिटेल सेक्टर तेजी से 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में बजट 2026 छोटे और महिला उद्यमियों के लिए बड़ा मौका है।

रिधिमा कंसल का मानना है कि अगर GST को आसान और सरल बनाया जाता है और ECLGS जैसे फंड के जरिए सस्ते लोन की सुविधा बढ़ती है, तो छोटे रिटेलर्स को महंगाई के दबाव से राहत मिल सकती है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ओम्नीचैनल रिटेल को बढ़ावा मिलने से रोजगार और खपत दोनों बढ़ सकते हैं।

▶️टेक्सटाइल और फैशन: GST 2.0 से सस्ता होगा कपड़ा?

जयपुर कुर्ती ब्रांड की पैरेंट कंपनी नंदानी क्रिएशन लिमिटेड के फाउंडर अनुज मुंधड़ा का कहना है कि ई-कॉमर्स और ओम्नीचैनल की वजह से अपैरल सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। बजट में GST 2.0 सुधार बेहद जरूरी हैं।

अगर फैशन कैटेगरी में टैक्स रेट्स को एक जैसा किया गया और MSMEs के लिए कंप्लायंस आसान हुआ, तो कपड़े सस्ते हो सकते हैं। इसके अलावा, अगर मिडिल क्लास के लिए इनकम टैक्स स्लैब में राहत मिलती है, तो खर्च बढ़ेगा और इसका सीधा फायदा टेक्सटाइल इंडस्ट्री को मिलेगा।

▶️ हेल्थकेयर: दवाइयां सस्ती होंगी या इलाज?

Steris Healthcare के चेयरमैन जीवन कसारा ने Oneindia Hindi से बातचीत में बताया कि Budget 2026 में फार्मा और मेडटेक सेक्टर के लिए बड़ा दांव खेला जा सकता है।

मेडिकल डिवाइसेज के लिए 10,000 करोड़ रुपये का PLI पैकेज, जरूरी APIs पर कस्टम ड्यूटी खत्म करने और ग्रामीण हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से इलाज सस्ता और सुलभ हो सकता है। आयुष्मान भारत का दायरा बढ़ा तो करोड़ों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।

▶️ डिफेंस सेक्टर: निवेशकों की पहली पसंद क्यों?

विभावंगल अनुकूलकारा प्राइवेट लिमिटेड के एमडी सिद्धार्थ मौर्य का कहना है कि डिफेंस सेक्टर में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की नीति से बड़ा बदलाव दिख रहा है। अगर बजट में कैपेक्स बढ़ता है और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को बढ़ावा मिलता है, तो डिफेंस स्टॉक्स में तेजी बनी रह सकती है। यह सिर्फ अस्थायी उछाल नहीं, बल्कि लंबी रेस का घोड़ा साबित हो सकता है।

▶️आम आदमी के लिए Budget 2026 का मतलब क्या?

अगर GST आसान हुआ, इनकम टैक्स में राहत मिली और हेल्थ व रोजगार पर खर्च बढ़ा, तो आम आदमी की जेब पर दबाव कम हो सकता है। वहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर रहा तो लंबे समय में रोजगार के नए मौके बनेंगे।

कुल मिलाकर, Budget 2026 सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को सीधे प्रभावित करने वाला बजट हो सकता है। अब देखना यह है कि 1 फरवरी को सरकार कितनी उम्मीदों पर खरी उतरती है और कौन से वादे हकीकत बनते हैं।

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