Budget 2024: चीन के साथ निवेश में हो सकता है इजाफा, फिर से बढ़ सकता है आयात
Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज देश का आम बजट पेश करेंगी। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंथा नागेश्वरन और उनकी टीम द्वारा तैयार किए गए सर्वेक्षण को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया।
बजट से पहले आए आर्थिक सर्वेक्षण में चीन से इक्विटी निवेश को बढाने की सिफारिश की गई है। आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 में ग्लोबल सप्लाई चेन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए चीन के साथ इक्विटी निवेश को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया है।

भारत और चीन के बीच पिछले कुछ वर्षों से संबंध अच्छे नहीं चल रहे हैं, ऐसे में जिस तरह से यह सुझाव आर्थिक सर्वेक्षण में आया है,उसको लेकर चर्चा तेज हो गई है। बता दें कि 2023-24 के दौरान चीन से भारत का आयात 100 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है।
हालांकि चीन से आयातित वस्तुओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, लेकिन पूंजी प्रवाह में बढ़ोतरी नहीं हुई है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 15 वर्षों में भारत के व्यापारिक आयात में चीन की हिस्सेदारी लगभग 21% से बढ़कर 30% हो गई है।
आर्थिक सर्वेक्षण में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि चीन प्लस न रणनीति के तहत भारत को एफडीआई से कहीं अधिक लाभ मिल सकता है। पिछले कुछ समय में चीन के साथ व्यापार घटा है। अमेरिका और यूरोप ने चीन के साथ अपने व्यापार को शिफ्ट किया है।
लिहाजा यह बेहतर होगा कि चीन की कंपनियों को भारत में निवेश का मौका दिया जाए, इसके बाद भारत में निर्माण के बाद अमेरिका और यूरोप में इनका निर्यात किया जाए, बजाए इसके कि चीन से सीधे चीन से आयात करके इसे दूसरे देशों में भेजा जाएगा। यह काफी प्रभावी हो सकता है।
अप्रैल 2000 से मार्च 2024 के बीच चीन से एफडीआई इक्विटी प्रवाह 2.5 बिलियन डॉलर था, जो कुल एफडीआई का सिर्फ 0.37% है। हालाँकि कई क्षेत्रों में 100% तक एफडीआई की अनुमति है, लेकिन चीन से किसी भी निवेश के लिए सरकार की मंजूरी की आवश्यकता होती है।
कई सेक्टर्स में 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति दी गई है। गौर करने वाली बात है कि चीन से किसी भी तरह के निवेश के लिए सरकार की अनुमति लेनी जरूरी होती है।












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