EPFO में बदले बड़े नियम से करोड़ों कर्मचारियों को राहत, अब क्लेम सेटलमेंट होगा आसान, इन दो चीजों की जरूरत खत्म
EPFO Claim Settlement: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने सदस्यों को बेहतर सेवाएं देने के लिए लगातार नए सुधार कर रहा है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने हाल ही में सोशल मीडिया पर EPFO द्वारा किए गए दो बड़े बदलावों की जानकारी दी, जो करोड़ों कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आएंगे।
मंत्री ने बताया कि इन सुधारों से EPFO मेंबर्स के लिए क्लेम सेटलमेंट प्रोसेस तेज, सरल और परेशानी मुक्त हो गया है। इसके तहत दो बड़े बदलाव किए गए हैं, जो कर्मचारियों को बड़ी राहत महसूस कराएंगे।

केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने दी EPFO से जुड़ी जानकारी
केंद्रीय मंत्री ने एक्स पोस्ट में लिखा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में EPFO ने अपनी सुधार यात्रा जारी रखी है। करोड़ों EPF सदस्यों और नियोक्ताओं के लिए दावा निपटान प्रक्रिया (claim settlement process) को सरल, तेज और परेशानी मुक्त बनाने के लिए दो बड़े सुधार पेश किए गए हैं।'
उन्होंने अपने पोस्ट में बताया कि चेक लीफ/ सत्यापित बैंक पासबुक की इमेज अपलोड करने की आवश्यकता नहीं है। वहीं UAN के साथ बैंक खाते को जोड़ने के लिए अब नियोक्ता की मंजूरी की जरूरत नहीं है।
EPFO: कौन से हुए दो बड़े बदलाव, जानें फायदा
1. चेक या बैंक पासबुक अपलोड करने की जरूरत खत्म
पहले EPFO में PF क्लेम करने के लिए सदस्यों को अपनी चेकबुक या सत्यापित बैंक पासबुक की स्कैन कॉपी अपलोड करनी पड़ती थी। लेकिन कई बार खराब क्वालिटी की वजह से डॉक्युमेंट रिजेक्ट हो जाते थे और क्लेम सेटलमेंट में देरी होती थी।
अब इस नियम को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। यह बदलाव पहले कुछ सदस्यों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया था और 28 मई 2024 से इसे सभी EPFO सदस्यों के लिए लागू कर दिया गया। इससे PF विद्ड्रॉल और क्लेम सेटलमेंट में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।
2. बैंक डिटेल्स लिंक करने के लिए एंप्लॉयर अप्रूवल की जरूरत नहीं
पहले EPF खाते से बैंक खाता लिंक करने और वेरिफिकेशन के लिए नियोक्ता (एंप्लॉयर) की मंजूरी जरूरी होती थी। लेकिन अब यह प्रक्रिया और सरल कर दी गई है।
अब UAN (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) के साथ बैंक डिटेल्स को जोड़ने के लिए एंप्लॉयर की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। इससे कर्मचारी खुद ही अपने बैंक अकाउंट को अपडेट कर सकेंगे और PF क्लेम करने में तेजी आएगी।
कर्मचारियों को मिलेगी राहत
EPFO द्वारा किए गए ये दोनों बदलाव ना सिर्फ क्लेम सेटलमेंट में तेजी लाएंगे बल्कि मेंबर्स को अपने खाते की डिटेल्स अपडेट करने में भी आसानी होगी। सरकार के इन सुधारों से अब PF विद्ड्रॉल और बैंक वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में लगने वाला समय भी कम होगा। सरकार का यह कदम डिजिटल ट्रांजैक्शन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है। इससे करोड़ों कर्मचारियों को फायदा होगा, जो हर महीने अपने वेतन से EPF में योगदान देते हैं।












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