बजट से पहले मोदी सरकार ला रही एक पेंशन स्कीम, 1 अप्रैल से लागू होने वाला UPS, जानिए इसके बारे में सबकुछ?
Unified Pension Scheme: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को देश का आम बजट 2025-26 पेश करने वाली हैं। बजट पेश होने से पहले केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है और केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आधिकारिक तौर एक पेंशन स्कीम शुरू की है। केंद्र सरकार ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी UPS को नोटिफाई कर दिया है। इसके साथ ही ये भी बताया गया है कि नई पेंशन स्कीम एक अप्रैल से लागू की जाएगी।
केंद्र सरकार की ओर से जारी यूनिफाइड पेंशन स्कीम का गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। सरकार ने अगस्त 2024 में यूपीएस को ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) और नेशनल पेंशन योजना (NPS) के बीच संतुलन बनाते हुए इसे जारी किया था। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 1 अप्रैल, 2025 से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली एक विकल्प के रूप में इसे अधिसूचित किया गया है।

नई यूनिफाइड पेंशन स्कीम या यूपीएस, किसी संघीय कर्मचारी को सेवानिवृत्ति से पहले 12 महीनों में प्राप्त औसत मूल वेतन का 50% प्रदान करेगी, बशर्ते कि वह 25 साल की सेवा पूरी कर ले।
किन किन कर्मचारियों पर लागू होगी ''यूनिफाइड पेंशन स्कीम''?
रिपोर्ट के मुताबिक नेशनल पेंशन स्कीम के तहत कवर होने वाले केंद्रीय कर्मचारियों को 25 जनवरी 2025 को सरकार की ओर से यूनिफाइड पेंशन स्कीम को लेकर नोटिफाई किया गया है। ये ऐसे कर्मचारियों पर लागू होगी, जो कि NPS यानी नेशनल पेंशन स्कीम के तहत आते हैं और इसका ऑप्शन चुनेंगे। हालांकि सरकारी नोटिफिकेशन में साफ-साफ ये भी कहा गटा है कि किसी अन्य पॉलिसी रियायत, पॉलिसी चेंज, फाइनेंशियल बेनिफिट के वे अधिकारी नहीं होंगे।
मंत्रालय की 24 जनवरी की अधिसूचना में कहा गया है ''यूनिफाइड पेंशन स्कीम'' ऐसे केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर लागू होगी जो राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत इस विकल्प को चुनते हैं। इसमें कहा गया है कि पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) यूपीएस के संचालन के लिए नियम जारी कर सकता है। यूनिफाइड पेंशन स्कीम के संचालन की प्रभावी तारीख 1 अप्रैल 2025 होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 अगस्त 2024 को लगभग 2.3 मिलियन केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए नई पेंशन नीति को मंजूरी दी, जिसमें मासिक भुगतान के रूप में मूल वेतन का 50% सुनिश्चित किया गया, जिससे संघीय कर्मचारी संघों को राहत मिली।
सरकार ने अप्रैल 2023 में कैबिनेट सचिव-पदनाम टीवी सोमनाथन, तत्कालीन वित्त सचिव के नेतृत्व में एक पैनल का गठन किया था, ताकि मौजूदा पेंशन प्रणाली को फिर से तैयार किया जा सके, जिसे नई पेंशन योजना या एनपीएस के रूप में जाना जाता है।
इस कदम के बाद व्यापक शिकायतें सामने आईं, जो एक राजनीतिक विवाद भी बन गया, जिसमें कुछ विपक्षी शासित राज्यों ने पिछली वित्तीय रूप से तनावपूर्ण पुरानी पेंशन योजना (OPS) को अपना लिया है।












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