मुकेश अंबानी का नाम लिए बिना अनिल अंबानी ने कसा बड़े भाई पर तंज
नई दिल्ली। जिस तरह से पिछले एक साल में जियो ने लोगों को मुफ्त में इंटरनेट और वाइस कॉल बांटकर तकरकीबन सभी टेलीकॉम कंपनियों के लिए चुनौती खड़ी थी उसपर मुकेश अंबानी के भाई और रिलायंस कम्युनिकेशंस के हेड अनिल अंबानी ने चिंता जाहिर की थी। अपने ही बड़े भाई पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा था कि टेलीकॉम सेक्टर पर एकाधिकार का खतरा मंडरा रहा है और कंपनियों को खुद की सेवाएं बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। जियो के लॉच के बाद एक बार फिर से अनिल अंबानी ने मुकेश अंबानी पर निशाना साधते हुए कहा है कि टेलीकॉम सेक्टर अब काफी पैसा खाने वाला सेक्टर हो गया है, यहां वही कंपनियां टिकी रह पाएंगी जिनके पास काफी पैसा है।

इज ऑफ डूइंग बिजनेस पर भी साधा निशाना
अनिल अंबानी ने टाटा कंपनी का जिक्र करते हुए कहा कि टाटा जैसी दिग्गज को भी अपने टेलीकॉम सेक्टर को एयरटेल को बेचना पड़ा। उन्होंने टेलीकॉम सेक्ट्रर पर निगरानी रखने वाली संस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह से रिलायंस कम्युनिकेशंस का सिस्टमा श्याम टेलीकॉम में मर्जर करने में देरी की गई वह इज ऑफ डूइंग बिजनेस नहीं बल्कि बिजनेस करने में सबसे बड़ी मुश्किल को दर्शाता है।

टाटा तक को अपनी कंपनी तोहफे में देनी पड़ी
रिलायंस टेलीकॉम को एक बार फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहे अनिल अंबानी ने कहा कि मौजूदा समय में वायरलेस सेक्टर में काफी मुश्किल का दौर चल रहा है और इसकी चपेट में कई कंपनियां आई हैं, इसकी चपेट में ना सिर्फ कंपनियां बल्कि कई लोग आए हैं। अगर टाटा जैसे दिग्गजों को अपनी कंपनी को तोहफे में देना पड़े तो अन्य कॉर्पोरेट के बारे में कुछ और खास कहने की जरूरत नहीं है, आप खुद ही स्थिति को समझ सकते हैं।

जियो ने टेलीकॉम कंपनियों को बैठाया भट्टा
गौरतलब है कि जिस तरह से अनिल अंबानी के बड़े भाई मुकेश अंबानी ने टेलीकॉम सेक्टर में अपने पैर रखे और जियो को लॉच किया वायस कॉल से होने वाली बड़ी कमाई को तकरीबन बंद कर दिया है, यही नहीं ना सिर्फ वॉयस कॉल बल्कि इंटरनेट डेटा की कीमतों में भी भारी गिरावट हुई है। जिसकी वजह से तमाम टेलीकॉम कंपनियों को आर्थिक मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। यही वजह है कि वोडाफोन और आईडिया ने खुद को बाजार में बनाए रखने के लिए विलय की घोषणा की थी।

टेलीकॉम सेक्टर अब 2-3 लोगों का ही खेल
अनिल अंबानी ने कहा कि यह साफ सिग्नल देता है कि यह 10 खिलाड़ियों का खेल नहीं बचा है, यह अब 2 से 3 खिलाड़ियों तक सीमित हो गया है, जिनके पास या तो अथाह पैसा है या फिर जिनके पास इस बात की क्षमता है कि वह कितना भी पैसा उठा सकते हैं। हालांकि अनिल अंबानी ने किसी भी कंपनी का नाम नहीं लिया, लेकिन यह साफ समझा जा सकता है कि उनका इशारा अपने बड़े भाई मुकेश अंबानी की ओर है जिन्होंने जियो लॉच करके तमाम कंपनियों के बिजनेस को लगभग ठप कर दिया है।

आरबीआई के प्रिंटिंग प्रेस से सीधा कनेक्शन की जरूरत
जियो पर अपरोक्ष तौर पर इशारा करते हुए अनिल ने कहा कि अगर आप वायरलेस सेक्टर में बने रहना चाहते हैं तो आपके पास आरबीआई में प्रिंटिंग प्रेस के साथ सीधे जुड़ना होगा, जिससे की पैसों की कभी कमी नहीं हो क्योंकि टेलीकॉम सेक्टर अब पैसे वालों का क्षेत्र बन गया है, हर मिनट, हर घंटे और हर दिन यह पैसे खाता है। बहरहाल देखने वाली बात यह है कि रिलायंस कम्युनिकेशन को बचाने की अपनी मुहिम में अनिल अंबानी ने जो बयान दिया है उसपर मुकेश अंबानी क्या प्रतिक्रिया देते हैं।












Click it and Unblock the Notifications