GST: मोदी सरकार को बड़ा झटका, व्यापारियों ने किया 65,000 करोड़ का रिफंड क्लेम, सीबीआई करेगी जांच
नई दिल्लीः एक तरफ जहां मोदी सरकार जीएसटी बिल को लेकर जश्न मना रही है वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार को बड़ा झटका लगा है। देश के व्यापारियों ने 95 हजार में से 65 हजार करोड़ रिफंड क्लेम किया है। दावों को देखते हुए सीबीईसी ने जांच का फैसला किया है।

बता दें जीएसटी लागू होने के बाद पहली रिटर्न में करीब 95 हजार करोड़ रुपये का टैक्स संग्रहण हुआ था और 65 हजार करोड़ रुपये से अधिक के क्रेडिट दावे भी किए हैं।
सीबीईसी जांच में एक करोड़ से ज्यादा ट्रांजिशनल क्रेडिट क्लेम करने वाली 162 कंपनियों का जांच की जाएगी। सीबीईसी के चीफ द्वारा लेटर में ये साफ किया गया है कि क्रेडिट क्लेम तभी किया जाएगा, तब जीएसटी कानून में इसकी इजाजत होगी। सीबीईसी ने अपने अफसरों को 162 कपंनियों को 20 सितंबर तक रिपोर्ट देने को कहा गया है।
65 हजार करोड़ रिफंड क्लेम का दावा करने की मुख्य वजह- मोदी सरकार ने एक जुलाई 2017 से जीएसटी लागू किया था। सरकार ने कंपनियों को पुराने टैक्स सिस्टम के तहत किए गए स्टॉक की खरीद पर चुकाए गए टैक्स के क्रेडिट का दावा करने की सुविधा दी थी, साथ ही साफ किया था कि ये सुविधा केवल छह महिने के लिए है।
जुलाई महीने में पहला जीएसटी रिटर्न दाखिल करने के साथ ही कंपनियों ने बचा हुए पैसा दावा करने के लिए ट्रान-1 फॉर्म दाखिल किया था। पिछले हफ्ते लगभग 50 लाख ट्रैक्स पेयर्स ने रिटर्न दाखिल किया था, इससे सरकार को 95 हजार करोड़ का रेवेन्यु हासिल हुआ है।












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