3 साल में 4 बड़े बैंकों ने समेटा कारोबार, अब इस बैंक की बारी,जानिए क्यों बंद हो रहे हैं पेमेंट बैंक
नई दिल्ली। साल 2015 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने लोगों के घर-घर बैंकिंग सर्विस को पहुंचाने के लिए पेमेंट बैंक की मंजूरी दी थी। आरबीआई ने पेमेंट बैंक के लाइसेंस के लिए आई 41 कंपनियों के प्रपोजल में से सिर्फ 11 कंपनियों को लाइसेंस जारी किया, लेकिन पिछले 3 सालों में इन 11 कंपनियों में 4 कंपनियों ने अपना कारोबार समेट लिया। अब एक और पेमेंट बैंक अपना कारोबार समेटने जा रही है। कंपनी ने फरवरी 2018 में अपना कारोबार शुरू किया, लेकिन जुलाई 2019 में अपने कारोबार को समेटने की घोषणा कर दी।

3 सालों में इन 4 कंपनियों ने समेटा अपना कारोबार
आरबीआई ने साल 2015 में 11 कंपनियों को पेमेंट बैंक का लाइसेंस मुहैया कराया, लेकिन 3 सालों में 4 कंपनियों ने अपने पेमेंट बैंक बंद कर लिए। जिसमें टेक महिंद्रा, चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट, आईडीएफसी बैंक और टेलीनोर फाइनेंशियल सर्विसेस हैं। इसके बाद अब आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट्स बैंक ने भी पेमेंट बैंक को बंद करने की घोषणा कर दी है। आदित्य बिड़ला आइडिया बैंक के बंद होने के बाद अब देश में पेमेंट बैंकों की संख्या घटकर 6 रह जाएगी। ये 6 पेमेंट बैंक निम्नलिखित हैं।
एयरटेल पेमेंट बैंक लिमिटेड
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक लिमिटेड
फाईनो पेमेंट बैंक लिमिटेड
पेटीएम पेमेंट बैंक लिमिटेड
जियो पेमेंट बैंक लिमिटेड
एनएसडीएल पेमेंट बैंक लिमिटेड

क्यों कारोबार समेट रहा है आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट बैंक
आरबीआई से लाइसेंस मिलने के बाद आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट बैंक ने फरवरी 2018 में कारोबार शुरू किया था,लेकिन कंपनी ने 1 साल बाद ही अपना कारोबार समेटने की घोषणा कर दी है। रिजर्व बैंक ने आइडिया पेमेंट बैंक के बंद होने की नोटिफिकेशन जारी कर दी है। इस नोटिफिकेशन में आरबीआई ने कहा है कि आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट्स बैंक लिमिटेड अपनी इच्छा से लिक्विडेट करने यानी अपना कारोबार बंद करने जा रही है। कंपनी द्वारा दिए गए आवेदन पर मुंबई हाई कोर्ट ने 18 सितंबर 2019 को आदेश जारी कर दिया है।

क्या होगा पेमेंट बैंक के खाताधारकों पर असर
आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट के बंद होने के बाद उन ग्राहकों का क्या होगा, जिसका पैसा बैंक में जमा है। ऐसे में कंपनी ने साफ किया है कि जिन ग्राहकों का पैसा पेमेंट बैंक में है वो अपना पैसा अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करा सकते हैं। कंपनी ने 26 जुलाई 2019 से ही खाते में पैसे जोड़ने या जमा करने का विक्लप बंद कर दिया था। इसके साथ ही बैंक ने ग्राहकों से अपील की है कि वो अपने खाते में जमा रकम को अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करा लें। इसके लिए ग्राहक ऑनलाइन, मोबाइल बैंकिंग या फिर निकटतम बैंकिंग प्वाइंट पर जाकर अपने खाते में जमा रकम को अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करा सकता है। अगर आपको खाते से फंड ट्रांसफर में कोई भी समस्या आती है तो आप 18002092265 नंबर पर फोन कर या [email protected] पर ईमेल कर मदद मांग सकते हैं।

आखिर क्यों बंद हो रहे हैं पेमेंट बैंक
पेमेंट बैंक बंद होने की बड़ी वजह कारोबार में लगातार हो रहा घाटा है। जुलाई 2019 में आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को ये जानकारी दी कि पेमेंट बैंक में अपेक्षित कामयाबी नहीं मिलने की वजह से वो अपने कारोबार को बंद करना चाहते हैं। वहीं टेलीकॉम सेक्टर में आइडिया-वोडाफोन की स्थिति ठीक नहीं है।वोडाफोन के साथ मर्जर के बाद कंपनी को लगातार घाटा हो रहा है। दूसरी तिमाही में वोडाफोन आइडिया को 50 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है, ऐसे में कंपनी के लिए अपने पेमेंट बैंक को चला पाना मुश्किल हो रहा था।

क्या है पेमेंट बैंक
पेमेंट बैंक का मकसद लोगों के घरों तक बैकिंग सेवा को पहुंचाना है। इसके जरिए स्माल सेविंग अकाउंट होल्डर्स, लो इनकम हाउसहोल्ड असंगठित क्षेत्र, प्रवासी मजदूरों और छोटे बिजनेसमैन को बैंकिंग सर्विसेस से जोड़ना है। आरबीआई ने 2015 में इसके लिए एनबीएफसी या नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन, मोबाइल सर्विस देने वाली कंपनियों, सुपर मार्केट चेन चलाने वाली कंपनियों को पेमेंट बैंक शुरू करने का मौका दिया। आरबीआई के पास 41 आवेदन मिले, लेकिन आरबीआई ने 11 कंपनियों को पेमेंट बैंक का लाइसेंस दिया। इन पेमेंट बैंक को बड़ी रकम को जमा करने की इजाजत नहीं होती है और न ही ये पेमेंट बैंक लोन दे सकते हैं। इन्हें क्रेडिट कार्ड जारी करने की इजाजत नहीं होती, हालांकि इन्हें एटीएम/डेबिट कार्ड कार्ड जारी कर सकते हैं।












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