अप्रैल से अगस्त के बीच प्रत्यक्ष कर संग्रह में 31 फीसदी की गिरावट: अनुराग ठाकुर
नई दिल्ली। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने शनिवार को लोकसभा में बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से अगस्त के बीच 1.92 लाख करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष कर संग्रह हुआ। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 31 प्रतिशत कम था। अगस्त तक पांच महीने की अवधि के दौरान शुद्ध अप्रत्यक्ष कर संग्रह 11 प्रतिशत सालाना की दर से गिरकर 3.42 लाख करोड़ रुपए हो गया। बता दें कि ये जानकारी वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी है, इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि अभी 2000 रुपये के नोट की छपाई बंद करने के संदर्भ में कोई निर्णय नहीं हुआ है।

अनुराग ठाकुर ने आगे बताया कि अप्रैल-अगस्त 2020 के दौरान कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह 1,92,718 करोड़ है, जबकि पिछले वर्ष यानी अप्रैल-अगस्त 2019 के दौरान यह 2,79,711 रुपए रहा था। वहीं अप्रैल-अगस्त 2019 में कुल अप्रत्यक्ष कर संग्रह 3,85,949 करोड़ रुपये रहा था, जबकि मौजूदा वित्त वर्ष में यह समान अवधि में घटकर 3,42,591 करोड़ रह गया है। इसी अवधी में केंद्र का वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह 1.81 लाख करोड़ रुपए रहा है। बजट में पूरे वित्त वर्ष के दौरान केंद्र का जीएसटी संग्रह 6,90,500 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था।
2000 रुपए के नोटों की छपाई पर कोई निर्णय नहीं
वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा, केंद्र का वास्तविक जीएसटी रेवेन्यू साल 2019-20 में 5,98,825 करोड़ रुपए रहा था। जबकि संशोधित अनुमानों के बाद यह आंकड़ा 6,12,327 करोड़ रुपए रहा थ। 2000 के नए नोटों की छपाई को लेकर मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि अभी छपाई बंद करने के संदर्भ में कोई फैसला नहीं लिया गया है। बता दें कि मीडिया में कई ऐसी खबरें थीं कि सरकार ने 2000 रुपए के नोटो की छपाई को बंद कर दिया है। रिजर्व बैंक की 2019-20 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2019-20 में 2,000 रुपए का एक भी नया नोट नहीं छापा है। इस दौरान 2,000 के नोटों का प्रसार कम हुआ है।
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