स्याना सीट पर जमानत तक नहीं बचा पाईं पूनम पंडित, ठेठ भाषा और किसान आंदोलन से हुई थी फेमस
स्याना सीट पर जमानत तक नहीं बचा पाईं पूनम पंडित, ठेठ भाषा और किसान आंदोलन से हुई थी फेमस
बुलंदशहर, 10 मार्च: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजे सामने आ गए है और भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर से यूपी में सरकार बनाने जा रही है। अगर बात बुलंदशहर जिले की की सातों विधानसभा सीटों की करें तो यहां बीजेपी ने अपना कब्जा जमा लिया है। हालांकि, स्याना विधानसभा सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। स्याना सीट पर बीजेपी के देवेंद्र सिंह लोधी और रालोद उम्मीदवार दिलनवाज खान के बीच मुकाबला रहा। तो वहीं, तीन कृषि कानून के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन और अपनी ठेठ भाषा के चलते सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा सुर्खियों बटोरने वाली पूनम पंडित चौथे नंबर रही।

जमानत तक नहीं बचा पाईं पूनम पंडित
कांग्रेस प्रत्याशी पूनम पंडित को 32वें राउंड में 2,888 वोट प्राप्त हुए है। 2,888 वोट के साथ ही पूनम पंडित स्यान विधानसभा सीट पर अपनी जमानत तक नहीं बचा सकी। उनकी जमानत तक जब्त हो गई है। स्याना विधानसभा सीट पर बीजेपी के देवेंद्र सिंह लोधी को 14, 8342 वोट मिले है तो रालोद प्रत्याशी दिलनवाज खान को 59207 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे। वहीं, बीएसपी सुनील कुमार 36043 वोटों मिले। कांग्रेस प्रत्याशी पूनम पंडित को सबसे कम वोट प्राप्त हुए है, जिसके चलते पूनम की जमानत तक जब्त हो गई।

ठेठ भाषा के चलते पूनम पंडित आईं थी सुर्खियों में
पूनम पंडित, भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की नेता थी, लेकिन भाकियू छोड़ने के बाद पूनम ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली थी। तीन कृषि कानून के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के समय पूनम पंडित ने सोशल मीडिया पर अपनी ठेठ भाषा के चलते सबसे ज्यादा सुर्खिया बटोरी थी। पूनम पंडित के सोशल मीडिया पर वीडियो जमकर वायरल हुए थे, जिसमें उन्होंने किसानों के मुद्दे से जुड़ी बातें रखी थी। इंटरनेशनल शूटर होने का दावा करने वालीं पूनम पंडित डांसर सपना चौधरी की बाउंसर भी रह चुकी हैं।

कौन है पूनम पंडित
26 वर्षीय पूनम पंडित मूल रूप से बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद ब्लॉक क्षेत्र के गांव इस्माइलपुर की रहने वाली हैं। पिता विनोद पंडित का करीब आठ साल पहले देहांत हो चुका था। दो बहनों पूजा पंडित व संध्या पंडित की शादी हो चुकी है। भाई पिंटू पंडित मेरठ में जॉब करता है। एक समय में हरियाणवी डांसर सपना चौधरी की बाउंसर रहीं पूनम पंडित शुरुआत से गाजीपुर बॉर्डर के किसान आंदोलन का हिस्सा रहीं। यूपी, दिल्ली, हरियाणा में अनेक मंचों पर जाकर उन्होंने किसानों का समर्थन किया। पूनम नेशनल शूटर भी रह चुकी हैं। उन्होंने रूरल यूथ गेम के अंतर्गत 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग में गोल्ड मेडल जीता था। वह नेपाल समेत कई जगह मेडल जीत चुकी हैं।

किसान आंदोलन से मिली थी पूनम पंडित को पहचान
पूनम पंडित तीन कृषि कानून के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन में सबसे ज्यादा चर्चा में आईं थी। इतना ही नहीं, पूनम पंडित ने किसान आंदोलन के समय सोशल मीडिया पर अपनी ठेठ भाषा के चलते सबसे ज्यादा सुर्खिया बटोरी थी। सोशल मीडिया पर वीडियो जमकर वायरल हुए थे, जिसमें पूनम पंडित किसानों के मुद्दे से जुड़ी बातें रखती थी। उनके इसी नेम और फेम को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने उन्हें सियासी मैदान में उतारा था।

टिकैत की महापंचायत में अभद्रता से चर्चाओं में आईं
मुजफ्फरनगर में पांच सितंबर 2021 को हुई भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत में राकेश टिकैत ने उन्हें मंच पर स्थान दिया था। इस दौरान पूनम पंडित ने कुछ लड़कों पर अभद्रता का आरोप लगाया और किसान आंदोलन से अलग हो गई थीं। राकेश टिकैत की टीम से किनारे होते ही पूनम ने प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की मौजूदगी में कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी। प्रियंका गांधी ने जब 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' नारा दिया, तभी से यह माना जा रहा था कि इस बार के विधानसभा चुनाव में पूनम पंडित को कांग्रेस मौका दे सकती है।
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