बुलंदशहर: 25 हजार के इनामी रिटायर्ड DSP रणधीर सिंह ने किया सरेंडर, फर्जी एनकाउंटर मामले में थे फरार
बुलंदशहर, 6 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में फर्जी मुठभेड़ में छात्र की हत्या के मामले में फरार चल रहे रिटायर्ड डीएसपी रणधीर सिंह ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। करीब चार साल से फरार चल रहे डीएसपी पर बुलंदशहर एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने एक दिन पहले ही 25 हजार का इनाम घोषित किया था। एसएसपी ने मंगलवार को बताया कि वर्ष 2002 में कस्बा सिकंदराबाद में प्रदीप नामक छात्र को फजीर मुठभेड़ में मार दिया था। इस घटना की जांच सीबीसीआईडी द्वारा की गई थी। जांच में मुठभेड़ को सही दर्शाते हुए केस को बंद कर दिया था।

बीटेक के छात्र को लुटेरा बताकर फर्जी एनकाउंटर का आरोप
रणधीर सिंह पर बीटेक के छात्र को लुटेरा बताकर फर्जी मुठभेड़ का आरोप है। मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही हैं। 20 अक्टूबर को मामले में अगली सुनवाई होनी है। एसएसपी ने बताया कि मृतक छात्र के परिजनों ने सीबीसीआईडी की जांच को सु्प्रीम कोर्ट में अपील की थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट मुठभेड़ में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के समन जारी कर ट्रायल शुरू कर दिया था।
गिरफ्तारी पर इनाम घोषित होते ही किया सरेंडर
इस मामले में वर्ष 2017 से लगातार वारंट जारी होने के बाद 20 सितंबर को एक पुलिसकर्मी ने अपनी जमानत करा ली, जबकि बुलंदशहर पुलिस ने 22 और 24 सितंबर 2021 को दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, मुख्य आरोपी रिटायर्ड डीएसपी रणधीर सिंह फरार चल रहे थे। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। मंगलवार को उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। इसके बाद उसने बुलंदशहर की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। घटना के समय वर्ष 2002 में रिटायर्ड सीओ रणधीर सिंह बुलंदशहर कोतवाली प्रभारी थे। बता दें, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार पर हाल ही में 7 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि बुलंदशहर में एनकाउंटर मामले में आरोपी सिपाही और पुलिस अफसरों को सरकारी मशीनरी पूरी तरीके से बचाने का प्रयास कर रही है।













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