OMG Video: ओडिशा के समुद्र तट पर आई कछुओं की सुनामी, एक्सपर्ट्स ने बताया लॉकडाउन का असर

भुवनेश्वर, 23 मई। कोरोना वायरस की दूसरी लहर पर काबू पाने के लिए देश के ज्यादातर राज्यों में पूर्ण लॉकडाउन या फिर कोविड प्रतिबंध लागू हैं। सरकार की सख्ती के चलते लोग सिर्फ जरूरी पड़ने होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं जिसका सकारात्मक असर प्रकृति पर देखा जा सकता है। प्रकृति पर लॉकडाउन के पॉजिटिव असर के कई उदाहरण सामने आए हैं जिसमें से एक इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

ओडिशा से सामने आया हैरान करने वाला वीडियो

ओडिशा से सामने आया हैरान करने वाला वीडियो

रविवार, 23 मई को ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया गया जिसमें हजारों की संख्या में कुछओं को समुद्र तट पर देखा गया। लोगों ने इतनी बड़ी संख्या में कछुओं को देख अजीबोगरीब प्रतिक्रिया दी है। कुछ यूजर्स कुछओं के इस बर्ताव को लेकर अनहोनी का अंदाजा लगा रहे हैं तो कुछ ने इसकी पीछे की सही वजह से लोगों का डर दूर करने की कोशिश की।

समुद्र तट पर पहुंचे हजारों कछुए

समुद्र तट पर पहुंचे हजारों कछुए

ट्विटर पर इस वीडियो को जिवादा रिसॉर्ट्स (Jivada Resorts) नाम के ट्विटर पेज से शेयर किया गया है। सोशल मीडिया पर कछुओं का यह वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि इस वीडियो से हमें डरने की जरूरत नहीं है बल्कि इसे हमारी प्रकृति के लिए अच्छी खबर कहा जा सकता है। दरअसल, हजारों-लाखों की संख्या में वयस्क कछुओं का समुद्री तट पर पहुंचना कोई दुर्लभ घटना नहीं है।

गहिरमाथा और रुशिकुल्या तट का वीडियो

गहिरमाथा और रुशिकुल्या तट का वीडियो

इस प्रक्रिया को हर साल देखा जा सकता है लेकिन कोरोना काल में इस बार इसे अच्छा संकेत माना जा रहा है। वायरल हो रहा यह वीडियो ओडिशा के गहिरमाथा और रुशिकुल्या समुद्री तट का बताया जा रहा है। हर साल भारी संख्या में कछुए गर्मियों के मैसम में यहां अंडे देने आते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक ये सभी ओलिव रिडले प्रजाति के समुद्री कछुए होते हैं।

अंडे से बाहर आते हैं नन्हे कछुए

अंडे से बाहर आते हैं नन्हे कछुए

ये तट की रेत को करीब एक से दो फीट गहराई तक खोदते हैं और उसमें अंडे देते हैं। अंडे देने के बाद मादा उन्हें रेत से ढक देती हैं, जिससे कुछ महीनों के बाद नन्हे कछुए बाहर आ जाते हैं। कछुओं को समुद्री तट पर आने को लॉकडाउन का गुड इफेक्ट इसलिए भी कहा जा रहा है कि क्योंकि इससे पॉल्यूशन लेवल काफी कम हुआ है, साथ ही समुद्री जीवन में भी बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं।

लॉकडाउन का असर

लॉकडाउन का असर

वायरल हो रहा यह वीडियो देख वन विभाग के अधिकारी भी काफी खुश हैं, ऐसा कहा जा रहा है कि पिछले दो साल की तुलना में इस साल बड़ी संख्या में कछुए समुद्र किनारे घोंषला बनाने पहुंच रहे हैं। उनके द्वारा खोदे गए हर एक घोंषले में करीब 100 अंडे होते हैं, इनके पूर्ण होने की अवधि लगभग 45 दिन की होती है। गौरतलब है कि लॉकडाउन की वजह से पर्यटकों को रुशिकुल्या तट पर जाने की मनाही है लेकिन कछुए के शोधकर्ताओं और पर्यावरणविदों को इन स्थलों पर जाने की अनुमति है।

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