देश के कुछ हिस्सों में दिवाली पर नहीं होती कोई धूमधाम, जानिये आखिर क्या है वजह?
देैश में जहां एक ओर दिवाली पर धूमधाम का माहौल रहता है, वहीं दूसरी ओर कुछ जगहों पर दिवाली जैसे त्योहार का अहसास तक नहीं होता।
Diwali 2022: देश के अलग-अलग हिस्सों में दिवाली का एक अलग की क्रेज देखने को मिलता है। दिवाली से कुछ दिन पहले ही इस त्योहार को लेकर तैयारियां शुरू हो जाती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई जगहें ऐसी भी हैं, जहां दिवाली को लेकर कोई एक्साइटमेंट या कोई खुशी नहीं होती। जहां एक ओर धूमधाम का माहौल रहता है, वहीं दूसरी ओर कुछ जगहों पर दिवाली जैसे त्योहार का अहसास तक नहीं होता। इन जगहों पर ना तो मां लक्ष्मी और गणेश का पूजन होता है और ना ही मंदिरों में दीपक जलाए जाते हैं।

दिवाली के लिए रहती है खास एक्साइटमेंट
दिवाली नजदीक आते ही लोगों की एक्साइटमेंट भी सातवें आसमान पर छा जाती है। दिवाली को लेकर अलग ही क्रेज लोगों में देखने को मिलता है। बात अगर धनतेरस की हो या फिर दिवाली से एक दिन पहले की.. लोग अपने-अपने घरों में पूजा-पाठ और सजावट में व्यस्त हो जाते हैं।

अयोध्या लौटे थे भगवान राम
मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम लंकापति रावण का वध कर माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटकर आए थे। भगवान राम के अयोध्या लौटकर आने की खुशी में ही दिवाली का त्योहार मनाया जाता है।

इस राज्य में नहीं होती कोई धूम
भारत में दिवाली की खूब धूम होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश के केरल राज्य में दिवाली का त्योहार नहीं मनाया जाता है। केरल के कोच्चि शहर को छोड़कर पूरे राज्य में दिवाली नहीं मनाई जाती। इसके पीछे भी कुछ कारण हैं।

ऐसी है मान्यता
बताते चलें कि ऐसी मान्यता है कि दिवाली के दिन ही केरल के राजा महाबली की मौत हो गई थी। यही कारण है कि यहां दिवाली नहीं मनाई जाती। राज्य में दिवाली ना मनाए जाने का एक और कारण यहां हिंदू लोगों की कम संख्या का होना भी है।

तमिलनाडु में भी नहीं मनाई जाती दिवाली
केरल के साथ-साथ कुछ तमिलनाडु के भी कुछ हिस्सों में भी दिवाली नहीं मनाई जाती है। यहां लोग नरक चतुर्दशी का त्योहार बड़ी ही धूमधाम से मनाते हैं। इस दिन को यहां छोटी दिवाली के रूप में भी मनाया जाता है।












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