मुंबई में 13वीं मंजिल पर अजगर देख सहमे लोग, वन विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू

मुंबई के घाटकोपर इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक निर्माणाधीन बिल्डिंग की 13वीं मंजिल पर एक अजगर पहुंच गया जिसे बाद में एक एनिमल लवर की मदद से नीचे लाया गया और फॉरेस्ट विभाग को सौंप दिया गया। स्थानीय लोगों को इस बात पर यकीन नहीं हो रहा था कि आखिर कैसे 13वीं मंजिल पर यह अजगर पहुंच गया।

एनिमल एक्टिविस्ट सूरज साहा जोकि आईटी फर्म में काम करते हैं, उन्होंने बताया कि यह भारतीय रॉक पाइथन उस वक्त साममने आया जब घाटकोपर स्थित एलबीएस रोड पर वृज पैराडाइज बिल्डिंग में निर्माण कार्य चल रहा था।

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अजगर पूरी तरह से सीमेंट के मलबे में भीगा हुआ था। हमने जैसे ही इस अजगर को यहां देखा हमने तुरंत वन विभाग को इसकी जानकारी दी कि यहां काफी बड़ा अजगर पाया गया है।

साहा ने बताया कि मुंबई रेंज के वन विभाग अधिकारी राकेश भोएर मौके पर पहुंचे और अजगर को यहां से निकाला। यह अजगर संरक्षित जीव है। अच्छी बात यह है कि किसी ने इस अजगर को नुकसान नहीं पहुंचाया। वाइल्डलाइफ अवेयरनेस की वजह से लोगों को यह पता है कि सांप को मारना या चोट पहुंचाना गैर कानूनी है।

वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट का कहना है कि भारी बारिश की वजह से सांपों के बिल में पानी भर जाता है, जिसकी वजह से ये सांप रिहाइशी इलाकों में चले जाते हैं, ये ऊंची जगह की तलाश में घरों की छत पर पहुंच जाते हैं। इनके पास ऊंची जगहों पर चढ़ने की क्षमता होती है।

वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट का कहना है कि भारी बारिश की वजह से सांपों का प्राकृतिक आवास खराब हो जाता है, यही वजह है कि ये सांप ऊंची जगहों पर जाने की कोशिश करते हैं। इंडियन रॉक पाइथन को ऊंची जगहों पर चढ़ने के लिए जाना जाता है, ये आसानी से पेड़ या चट्टान पर चढ़ जाते हैं।

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