पत्नी के बालों में कंघी करना पति को पड़ा भारी, VIDEO वायरल होने पर पुलिस ने की कार्रवाई
कुवैत। क्या आपने कभी सुना है कि किसी शादीशुदा कपल को इसलिए गिरफ्तार कर लिया जाए क्योंकि पति ने पत्नी के बालों में कंघी की हो? सुनने में अजीब जरूर लगा होगा लेकिन कुवैत पुलिस ने ये कार्रवाई की है। डेली मेल की खबर के मुताबिक, पुलिस ने विवाहित जोड़े को इसलिए गिरफ्तार किया क्योंकि उनका एक वीडियो सामने आया। इस वीडियो में पति अपनी पत्नी के बालों पर कंघी करते हुए नजर आ रहा। कुवैत पुलिस ने इस वीडियो को 'अनैतिक' करार देते हुए इस कपल को गिरफ्तार कर लिया।

पति ने पत्नी के बालों में की कंघी, तो हुई गिरफ्तारी
पूरा मामला कुवैत का है, जहां पुलिस ने एक शादीशुदा जोड़े को बालों में कंघी करने की वजह से गिरफ्तार कर लिया। जिस शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है वो अल्पसंख्यक समुदाय 'बिदून' से ताल्लुक रखता है। पुलिस ने इस कपल पर कार्रवाई उस समय की जब उनका एक वीडियो सामने आया। इस वीडियो को देखने पर नजर आता है कि पति कंघी से पत्नी के बालों को संवार रहा है। इस दौरान महिला अपने पति से अरबी भाषा में कुछ कह भी रही हैं।

'अनैतिक' VIDEO को लेकर कुवैत पुलिस ने की कार्रवाई
इसी वीडियो को देखने के कुवैत की पुलिस ने इस कपल को पकड़ लिया। पुलिस ने ये कार्रवाई देश के सख्त सार्वजनिक शालीनता कानून की धज्जियां उड़ाने के आरोप में की है। पुलिस के मुताबिक, जो वीडियो इस कपल ने बनाया 'अनैतिक' है, फिलहाल कपल को पकड़े जाने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।

महज कंघी करने पर क्यों हुई कपल पर कार्रवाई
वहीं इस पूरे मामले पर कुवैत के एक अखबार, अल क़बास ने बताया कि शादीशुदा कपल के इस वीडियो के सामने आने पर उनके फॉलोअर्स ने इस वीडियो पर निगेटिव कमेंट्स किए। उनमें से कई ने कहा कि दुर्व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए कपल ने 'उत्तेजक' वीडियो जारी किया। इन्ही विरोधी कमेंट्स को लेकर स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने बताया कि सार्वजनिक शालीनता के उल्लंघन को लेकर इस कपल पर केस चलेगा।
देखिए, शादीशुदा जोड़े का वो VIDEO, जिससे बढ़ी उनकी मुश्किलें
अल क़बास ने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया, 'कंजरवेटिव कुवैत में 'क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन' टीम सोशल नेटवर्किंग साइटों पर सख्ती से नजर रख रही है। वे कभी भी इसमें 'अनैतिक' बदलाव की इजाजत नहीं देंगे, जो रूढ़िवादी कुवैती समाज की प्रकृति के विपरीत है। बिडून को कुवैत की सरकार ने नागरिकता नहीं दी है, जबकि देश में इनकी आबादी करीब 100,000 है। कुवैत इस समुदाय को स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा की पहुंच से वंचित रखते हुए उन्हें 'अवैध निवासी' मानता है।












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