नॉर्थ कोरिया से कम तानाशाह नहीं है चीन, जानिए क्या-क्या कर दिया बैन?
चीनी सरकार तानाशाह की तरह देश में इंटरनेट पर लगाम लगाने की हर संभव कोशिश कर रही है। इसके लिए उसके निशाने पर सबसे आगे सोशल मीडिया है।
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नई दिल्ली। चीनी सरकार तानाशाह की तरह देश में इंटरनेट पर लगाम लगाने की हर संभव कोशिश कर रही है। इसके लिए उसके निशाने पर सबसे आगे सोशल मीडिया है। चीनी सरकार ने हाल ही में इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप व्हाटसेप पर बैन लगा दिया है। काफी समय से ऐप में परेशानी झेल रहे यूजर्स को उस समय बड़ा धक्का लगा जब 23 सितंबर को इसे बैन कर दिया गया। चीन के इस तानाशाही रवैये को लेकर उसकी कड़ी निंदा की जा रही है लेकिन वो अपने फैसले पर कायम है। चीन में ये पहली बार नहीं है जब सोशल मीडिया पर रोक लगाई गई हो। इससे पहले भी चीन ने लगभग दुनिया की सभी बड़ी सोशल नेटवर्क साइट्स और ऐप बैन कर रखे हैं।


दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन भी बैन
जिस ऐप या साइट का आप रोजाना सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, वही चीन में बैन है। चीन ने दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल को बैन कर रखा है। कुछ भी जानने के लिए यहां के लोग बाकी सर्च इंजन्स पर निरभर हैं। और केवल गूगल ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े जी-मेल, गूगल मैप्स और गूगल प्लस जैसी साइट्स भी ब्लॉक हैं। इन्हें साल 2014 में ब्लॉक किया गया था।

140 शब्दों से भी डरती है चीनी सरकार
दुनियाभर में बुद्धिजीवियों की पहली पसंद ट्विटर भी चीन में बैन है। चीन ने 2009 में फेसबुक के साथ ही इसे ब्लॉक किया था। ब्लॉक साइट होने के बावजूद चीन में लाखों लोग इस वेबसाइट का वीपीएन के जरिए इस्तेमाल करते हैं।

ट्विटर के साथ ही फेसबुक को भी किया बैन
दुनिया को एक साथ जोड़ने वाली सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक को भी चीनी सरकार ने ब्लॉक कर रखा है। चीन में साल 2009 में फेसबुक को ब्लॉक किया गया था। सोशल मीडिया के इस दौर में फेसबुक सबसे चहेती वेबसाइट है लेकिन चीनी लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं।

फोटो शेयरिंग ऐप इंस्टाग्राम भी ब्लॉक
पिछले कुछ सालों में युवाओं के बीच पॉप्यूलर हुए फोटो शेयरिंग साइट इंस्टाग्राम पर भी चीन में रोक है। चीन में सितंबर 2014 में इंस्टाग्राम पर रोक लगाई गई थी। इसके अलावा यहां पिंट्रस्ट और स्नैपचैट पर भी रोक है। सीदे तौर पर कहें तो दुनिया में लोगों को ए-दूसरे से जोड़ने वाली सभी साइट्स को चीनी सरकार ने बैन किया हुआ है। इसके अलावा यहां कुछ सर्च करने को लेकर भी सेंसरशिप है।

चीन में इंटरनेट सेंसरशिप को लेकर कड़े नियम
चीनी सरकार अपने देश के नागरिकों पर इंटरनेट पर हो रही हर गतिविधियों पर नजर रख रही है। हाल ही में 68 शब्दों को सर्च करने को लेकर बैन लगाया गया है। अगर इन शब्दों को सर्च कर सेंसरशिप नियमों का उल्लंघन किया गया तो कड़ी कार्रवाई हो सकती है। अब चीन में वेश्यावृत्ति, बलात्कार और इंटरकोर्स जैसी शब्दों को नहीं सर्च कर पाएंगे। इनसे जुड़ी सभी जानकारी हटा दी गई है।

नहीं सर्च कर सकते ये शब्द
इंटरनेट पर होमोसेक्सुअल कंटेट को भी नहीं डाल सकते। इसके अलावा वहां की सरकार का मजाक बनना, शराब-जुए को बढ़ावा देना वाला कंटेट भी इंटरनेट पर नहीं जा सकता है। चीन में पॉर्न साइट्स पर भी बैन है और न ही पॉर्न कंटेंट को इंटरनेट पर डाल सकते हैं।












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