'नौकरानियां सोफे पर...', यहां की रेजिडेंसियल सोसाइटी ने नौकरों के लिए जारी किया ये अजीब सकुर्लर
घरों में काम करने वाली नौकरानियों के जारी किया सोसाइटी ने ये सर्कुलर
घर के काम के लिए हम अपने घर के हेल्पर्स पर पूरी तरह डिपेंड रहते हैं। अगर वो एक दिन ना आए तो हमारे हाथ-पैर फूलते लगते हैं।
वहीं अब एक रेजिंडेंसियल सोसाइटी ने उनके यहां की बिल्डिंगों के फ्लैस्ट्स में काम करने वाले घरेलू नौकरों और अन्य हेल्पर्स के लिए अजीब सकुर्लर जारी किया है। जिसको लेकर सोशल मीडिया पर लोग जमकर गुस्सा निकालते हुए कमेंट कर रहे हैं।

बेंगलुरु की सोसायटी के रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) ने घरों में काम करने वाले नौकरों से कहा है कि वो अपने काम के बीच में के समय में सोसाइटी के पार्क, एम्फीथिएटर समेत अन्य एरिया का उपयोग करते हैं वो ना करें। सर्कुलर में कहा गया है कि नौकरानियों को सोसाइटी के इन जगहों के बजाय वेटिंग एरिया का ही उपयोग करना चाहिए।
नौकरानियों से घिरे होने पर लोग असहज महसूस करते हैं
रेजिडेंट्स सोसाइटी ने अपने सर्कुलर में ये भी कहा है कि अपार्टमेंट में रहने वाले हर जगह नौकरानियों से घिरे होने पर असहज महसूस करते हैं। इसके अलावा कॉमन क्षेत्रों की निगरानी करना मुश्किल हो जाता है।
नौकरानियां सोफे पर बैठते हैं इसलिए...
इसके साथ ही इस सर्कुलर में ये तक लिखा गया है कि नौकरानियां, रसोइयां, बढ़ई, प्लंबर बिल्डिंग के रिसेप्शन पर सोफे पर बैठते हैं। जिस कारण से अब यहां अधिकांश लोगों ने सोफे पर बैठना बंद कर दिया है।
सोसाइटी के अजीब नियम पर लोग हुए आगबबूला
सोशल मीडिया पर ये सर्कुलर वायरल हो रहा है और रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के नियमों की खूब आलोचना हो रही है और लोग इस पर नाराजगी जता रहे हैं।
नौकरानी जब आपके घर में घूमती है...
एक यूजर ने लिखा इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता, उसने पूछा लोग शिकायत क्यों कर रहे हैं? वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा लोगों के लिए यह समझना इतना कठिन क्यों है कि वे केवल इंसान हैं।
वहीं एक ने लिखा नौकरानी आपके घर में घूमती है, आपके लिए खाना बनाती है, आपके लिए सफाई करती है, ठीक है, लेकिन पार्क में उन्हें अपने आसपास देखना क्यों परेशानी भरा है?
एक दिन ऐसा आएगा कि अफोर्ड नहीं कर पाएंगे नौकर
एक ने लिखा कृपया समाज का नाम बताएं ताकि हम इससे बचना सीख सकें। इस आरडब्ल्यूए को भेदभाव के बारे में शिक्षित करने की जरूरत है।वहीं एक और ने लिखा प्रिय निवासियों, मुझे विश्वास है कि यदि ये क्षेत्र भी पूर्ण कॉर्पोरेट संस्कृति में परिवर्तित हो गया, तो आप भी नौकरानियों का खर्च उठाने में सक्षम नहीं होंगे। जब तक हम एक विकसित देश नहीं बन जाते, तब तक इस विशेषाधिकार का आनंद लें।












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