90 दिन का बेबी, 3 बार पड़ा दिल का दौरा, छूकर निकली मौत, जानिए कैसी बची जान
समय से पहले जन्म लेने वाले नवजात अक्सर कमजोर होते हैं। ऐसे में उनकी विशेष देखभाल की जाती है। हाल ही में एक ऐसा ममला सामने आया जब एक प्रीमेच्योर बेबी को तीन बार हार्ट अटैक आया।
हार्ट अटैक का आना और उससे उबर पाना जिंदगी और मौत के बीच जंग होती है। ये वो जंग है, जिसके आगे सभी लाचार हैं। ये जंग अक्सर जिंदगी की अंतिम जंग साबित होती है। लेकिन महज तीन महीने के बेबी के जब ये आफत आई तो डॉक्टरों ने भी ठान लिया कि अब हर कीमत पर इसे बचाना है और वे अपने उद्देश्य में कामयाब भी हुए।
नागपुर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में हार्ट अटैक का एक अजीब केस सामने आया, जब महज 90 दिन के बेबी को हर्ट अटैक आ गया। कुछ महीने की उम्र में दिल का दौरान पड़ने का ये मामला अपने आप में बेहद अलग था। शिशु के जान पर बन गई। लेकिन डॉक्टरों की तत्तपरता और अनुभव ने मौत को भी मात दे दी। नवजात को तीन बार दिल का दौरा पड़ा लेकिन फिर भी उसे बचा लिया गया।

अस्पताल के मेडिकल स्टाफ ने कहा कि ये एक प्रीमेच्योर बेबी था। जन्म होने बाद उसे एनआईसीयू (NICU) में रखा गया था। शिशु का सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। निमोनिया के इंफेक्शन के चलते उसे फेफड़े डैमेज हो गए थे। हालत अधिक खराब हो के कारण शिशु को दो हफ्ते तक वेंटिलेटर पर रखना पड़ा।
इलाज के दौरान 90 दिन के अंदर इस शिशु को तीन बार दिल का दौरा पड़ा। लेकिन हर बार डॉक्टरों ने स्थिति पर काबू पा लिया। डॉक्टरों ने बताया कि अपने आप में ये बेहद सीरियल प्रकृति का केस था। दरअसल, समय से पहले जन्म लेने वाले कई बार मां के पेट में या फिर जन्म लेने के बाद संक्रमित हो जाते हैं। जन्म के बाद इन्हें अधिक केयर करने की जरूरत होती है,नहीं तो जन्म के बाद सबसे अधिक जन्म के बाद ही प्रीमेच्योर बेबी में संक्रमण का खतरा होता है।












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