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Nuggi : रोज 10 पीस चिकन, चलने में निकले दम, पालतू डॉग के पोस्टमार्टम से खुले ऐसे राज, मालकिन पहुंची जेल

Woman Jailed For Dog Nuggi Overfeeding: अगर आपके घर पालतू जानवर है और आप उसे सामान्य से ज्यादा खाना खिला रहे हैं तो, सावधान हो जाइए। क्योंकि, ओवरफिडिंग के चलते आपके पालतू जानवर की जान भी जा सकती है। साथ ही आपको जेल का सफर भी तय करना पड़ सकता है।

जी हां, न्यूजीलैंड के दक्षिण ऑकलैंड स्थित मनुरेवा से कुछ ऐसी ही चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला को अपने पालतू डॉग को सामान्य से ज्यादा खाना खिलाकर मार डालने के आरोप में दो महीने की जेल हो गई। महिला अपने पालतू नुग्गी को डॉग बिस्कुट के अलावा प्रतिदिन 10 टुकड़े चिकन भी खिलाती थी। डॉग का वजन 50 किलो पार कर गया। 10 मीटर चलते वक्त भी तीन बार सांस लेने के लिए रूकना पडता। आइए आपको रूबरू कराते हैं पूरे मामले से...

Woman Jailed For Dog Nuggi Overfeeding

घटना के तार अक्टूबर 2021 से जुड़े हैं। जब ऑकलैंड के मनुरेवा स्थित एक महिला के घर के लिए सर्च वारंट जारी किया। महिला पर कई डॉग रखने के आरोप थे। ग्लोबल एनिमल रेस्क्यू की एक संस्था पशु क्रूरता निवारण सोसायटी (SPCA) ने महिला के डॉग, नुग्गी को तब अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों ने उसे महिला के घर से बचाया।पशु नियंत्रण अधिकारी नुग्गी को पशु चिकित्सक द्वारा जांच के लिए एसपीसीए के मंगेरे सेंटर ले गए।

रोजाना देती थी खतरनाक डाइट
महिला रोजाना नुग्गी को कुत्ते के बिस्कुट के अलावा प्रतिदिन 10 टुकड़े चिकन भी खिलाती थी। जिसके चलते नुग्गी का वजन 53.7 किलोग्राम हो गया था। नुग्गी को 10 मीटर चलते वक्त भी तीन बार सांस लेने के लिए रुकना पडता। एसपीसीए ने बताया कि अधिकारियों ने कहा कि उसके विशाल शरीर के वजन के कारण उसके पैर ढह रहे थे। एसपीसीए ने कहा कि वह इतना मोटा था कि स्टेथोस्कोप से उसके दिल की धड़कन सुनना संभव नहीं था, क्योंकि ध्वनि वसा में प्रवेश नहीं कर सकती थी।

नुग्गी की बना दी दुर्दशा
एसपीसीए ने बताया कि उसके नाखून बहुत बड़े हो गए थे और उसकी त्वचा पर बहुत सारे निशान थे। खास तौर पर उसके पेट और कोहनी जैसे संपर्क वाले क्षेत्रों पर। नुग्गी को कंजंक्टिवाइटिस भी था। पशु चिकित्सक ने देखा कि नुग्गी को चलने-फिरने में कठिनाई हो रही थी, उसे सांस लेने में कठिनाई हो रही थी, वह गर्म मौसम को सहन नहीं कर पा रहा था और कुल मिलाकर थका हुआ था।

एसपीसीए ने कहा कि वह (पशु चिकित्सक) इस निष्कर्ष पर पहुंची कि नुग्गी द्वारा ढोए जा रहे अतिरिक्त वजन के कारण, उसे लंबे समय तक गंभीर असुविधा और परेशानी का सामना करना पड़ा होगा।

बीमारियों से जूझता रहा नुग्गी
द न्यूजीलैंड हेराल्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नुग्गी की मृत्यु दो महीने तक SPCA की देखभाल में रहने के बाद हुई। इस दौरान उनका वजन 8.9 किलोग्राम कम हो गया, जो उनके शरीर के वजन का लगभग 16 फीसदी था। उसकी मौत उसके लीवर पर एक फटे हुए द्रव्यमान से तीव्र रक्तस्राव के कारण हुई। पोस्टमार्टम से पता चला कि उसे लीवर की बीमारी और कुशिंग रोग समेत अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां थीं।

क्या कहा SPCA ने?
एसपीसीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉड वेस्टवुड ने कहा कि वे कम वजन वाले जानवरों का इलाज करने के आदी हैं। उन्होंने कहा कि नुग्गी हमारे द्वारा देखे गए सबसे मोटे जानवरों में से एक है। वह इतना भारी था कि वह मुश्किल से चल पाता था और वह अपने ऊपर लदे भारी वजन के कारण स्पष्ट रूप से पीड़ित था।दुख की बात है कि हम रोजाना ऐसे जानवरों को देखते हैं जो कम वजन के, भूखे या कुपोषित होते हैं, लेकिन किसी असहाय जानवर को जरूरत से ज्यादा खिलाए जाने को देखना भी उतना ही दुखद है।

कोर्ट ने आरोपी महिला को भेजा जेल
मनुकाऊ जिला न्यायालय ने नुग्गी की मौत पर उसकी मालकिन महिला को सजा सुनाई। महिला पर 1222.15 डॉलर का हर्जाना लगा। साथ ही एक साल तक महिला पर डॉग रखने का बैन लगा दिया और दो महीने की जेल की सजा सुनाई।

भारत में भी सजा का प्रावधान
भारतीय पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत, किसी भी जानवर के साथ क्रूरता करने पर दंड का प्रावधान है। यह अधिनियम जानवरों के साथ दुर्व्यवहार, उनके स्वास्थ्य को हानि पहुंचाने, या उन्हें अत्यधिक भोजन खिलाने जैसी क्रियाओं को प्रतिबंधित करता है।

अगर, किसी पालतू जानवर की अत्यधिक खाना खिलाने से मौत हो जाती है, तो यह माना जा सकता है कि यह क्रूरता के अंतर्गत आता है, और इसके लिए संबंधित व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। दोषी पाए जाने पर जुर्माना और कारावास दोनों की सजा हो सकती है। सजा की मात्रा और अवधि केस के तथ्यों और गंभीरता पर निर्भर करती है।

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