धनबाद का मोहित बना मोगली, पी रहा है कुतिया का दूध
रांची। धनबाद के मनैतंद में दस साल के मोहित जन्म से ही गूंगा है और उसे चार वर्ष की उम्र से ही इलाके के कुतिया दूध पिला रही है। यह खबर आपको रूडयार्ड किपलिंग की जंगल बुक के मोगली की याद दिलायेंगे। लेकिन मोहित और मोगली में जो खास फर्क है वह है कि मोहित के मां-बाप अभी जिंदा हैं।

मोहित ने दो वर्ष की उम्र से ही दूध पीना छोड़ दिया था, लेकिन चार वर्ष की उम्र में वह कुतिया का दूध पीने लगा। खास बात यह है कि इलाके की सभी कुतिया अब मोहित को अच्छे से पहचानती हैं। हालांकि मोहित के मां-बाप ने बहुत कोशिश की कि उसे इलाके की कुतियों से अलग रखा जाए, लेकिन जिस तरह से मोहित की यह आदत है उसे देखते हुए मोहित को स्कूल भेजने में भी उसके मां-बाप को डर लगता है।
मोहित के पिता सूबेदार सिंह फलों का जूस बेचते हैं जबकि उसकी मां पिंकी कुमारी घरों में काम करती है। मां का कहना है कि जब बचपन में मोहित मोहल्ले के कुत्तों के साथ खेल रहा था तो उस वक्त उसने एक कुतिया का दूध पीना शुरु कर दिया था। इसके बाद इलाके की कुतिया भी उसे पहचानने लगी और जब भी मोहित चाहता था वह उसे दूध पिलाती थीं।
हालांकि वह उसे घर से बाहर नहीं निकलने देती हैं लेकिन जब भी वह मौका पाता है तो चुपके से बाहर निकल जाता है और पड़ोसी हमें उसके बारे में बताते हैं। मोहित की इस आदत की वजह से घरवाले काफी परेशान हैं लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से वह उसे डॉक्टर को भी नहीं दिखा पा रहे हैं। यह आदत उस वक्त महंगी पड़ गयी मोहित को जब कुछ दिनों पहले एक कुतिया ने उसे काट लिया।
मोहित की मां ने बताया कि जब उसने दूसरी कॉलोनी की कुतिया का दूध पीने की कोशिश की तो उसने उसे काट लिया। जिसके बाद हमें मजबूरन उसे अस्पताल ले जाना पड़ा। जिसके बाद उसे रेबीज़ का टीका लगाया गया और उसे कुतिया के दूध से दूर रखने को कहा गया है। मोहित की इस आदत पर डाक्टर का कहना है कि कुतिया का दूध इंसानों के लिए नुकसानदायक नहीं है। लेकिन रेबीज इंफेक्शन का खतरा हमेशा बना रहता है।












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