देसी जुगाड़ से 1 लाख रुपये से कम में ही युवक ने बना दी जीप, जानिए क्या है ख़ासियत ?
हुनर किसी डिग्री का मोहताज नहीं इस बात को गेट और ग्रिल बनाने वाले मिस्त्री कमलेश्वर शर्मा उर्फ लोहा सिंह ने साबित कर दिखाया है।
पटना, 17 अप्रैल 2022। हुनर किसी डिग्री का मोहताज नहीं इस बात को गेट और ग्रिल बनाने वाले मिस्त्री कमलेश्वर शर्मा उर्फ लोहा सिंह ने साबित कर दिखाया है। बेतिया के रहने वाले इस मिस्त्री की चर्चा हर तरफ़ हो रही है। चनपटिया प्रखंड के चुहड़ी पंचायत (बेतिया अनुमंडल) के रहने वाले लोहा सिंह ने बाइक इंजन से मिनी जीप बनाकर सुर्खियां बटोर रहे हैं। मिस्त्री लोहा सिंह की करीब 85 हज़ार रुपये की लागत से बने 4 सीटर जीप को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग रही है।

मिनी क्लासिक जीप में बाइक का इंजन
कोरोना काल में जब लोग ज़िंदगी और मौत से जंग लड़ रहे थे तो उन दिनों लॉकडाउन के दौरान मिस्त्री लोहा सिंह ने कुछ नया करने की सोच रहे थे। वहीं उन्होंने यूट्यूब वीडियो में क्लासिक जीप देखा तो उनपर पर भी उसी तरह की जीप बनाने का धुन सवार हो गया। उन्होंने वीडियो देखकर जीप बनाने की जानकारी ली जो कि तंग गलियों में भी चल सके। उन्हें जीप बनाने का ऐसा जुनून सवार हुआ कि उन्होंने 50 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद वैसी मिनी जीप बना डाली।

1 लीटर पेट्रोल में 30 किलोमीटर तक सफ़र
मिनी क्लासिक जीप एक लीटर पेट्रोल में 30 किमी तक चलती है। इस जीप का वजन 5 क्विंटल है, ड्राइवर सहित चार लोग इससे आसानी से सफर कर सकते हैं। ग़ौरतलब है कि इस जीप में सीबीजेड बाइके की डेढ़ सौ सीसी इंजन और टैंपू के गियर बॉक्स का इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही सेल्फ स्टार्ट की भी सुविधा है। पॉवर टीलर के पहिया होने की वजह से उबर खाबड़, कीचड़ या पानी भरे रास्ते में भी जीप आसानी से चल रही है।

मिनी जीप की मार्केट में बढ़ी डिमांड
जीप मालिक मिस्त्री लोहा सिंह ने बताया कि जीप में कार की तर्ज पर ही बैक गियर सहित कुल 6 गियर है। चार सवारी और 10 क्विंटल वजन लेकर जीप 60 से 70 किलोमीटर के प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है। एक बार स्टार्ट करने पर क़रीब 200 किलोमीटर नॉन स्टॉप सफर किया जाता सकता है। इस जीप की तारीफ़ हर तरफ़ हो रही है और लोग लोहा सिंह के काम की सराहना भी कर रहे हैं। लोहा सिंह बताते हैं कि जीप छोटी होने की वजह से छोटी गलियों से भी गुज़र जाती है।इस जीप को कई ग्राहक ख़रीदने आए लेकिन नहीं बेचा क्योंकि यह उनका पहला ख़ुद से बनाया हुआ जीप है। इस जीप की मांग लगातार बढ़ रही है, इसलिए अब वह जीप बनाकर बेचने की प्लानिंग बना रहे हैं।
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