लालू परिवार के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही जांच एजेंसियां, क्या है वजह?
Recommended Video

पटना। लगातार सातवीं बार ईडी के द्वारा भेजे गए नोटिस पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव अधिकारियों के सामने पहुंचे जहां उनसे पूछताछ की गई वहीं राबड़ी देवी अब तक पूछताछ के लिए एजेंसी के सामने नहीं पहुंची हैं। दरअसल रेलवे टेंडर घोटाले से अर्जित सम्पत्ति मामले में ईडी ने तेजस्वी यादव को सातवीं नोटिस भेजी थी जिसमें पूछताछ के लिए तेजस्वी ईडी के मुख्यालय पहुंचे। अभी तक तेजस्वी यादव सिर्फ एकबार सीबीआई के सामने पूछताछ के लिए पेश हुए हैं।

लालू परिवार से सीबीआई कर चुकी है पूछताछ
इससे पहले बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और लालू प्रसाद यादव के बेटे से दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में 8 घंटे तक लंबी पूछताछ हुई थी। इस दौरान सीबीआई ने करीब 54 सवालों का जवाब मांगा था। ज्यादातर सवालों का जवाब तेजस्वी यादव ने हां और ना में ही दिया था। इसी मामले में बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी भी ईडी की नोटिस को लगातार नजरअंदाज कर रही हैं। सात नवंबर को भी दिल्ली स्थित ईडी दफ्तर में राबड़ी पूछताछ के लिये नहीं पहुंचीं थीं। ईडी के अधिकारी काफी देर तक उनका इंतजार करते रहे लेकिन वो नहीं पहुंचीं।

कानूनी कारवाई करने से क्यों कतरा रहा एजेंसी?
कानून के जानकारों का कहना है कि अगर संवैधानिक रूप से देखा जाए तो यह दोनों एजेंसी तेजस्वी और राबड़ी देवी के खिलाफ नोटिस करने के बाद नहीं पहुंचने पर आगे की कार्रवाई के लिए अदालत की दरवाजा खटखटा सकती थी और उन्हें आसानी से दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी मिल जाता लेकिन ऐसा नहीं कर रही है। कुछ इसी तरह का हाल विजय माल्या का भी था जिसे 3 बार नोटिस जारी किया गया था और नोटिस पर नहीं पहुंचने के बाद गिरफ्तारी वारंट और उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। लेकिन इस मामले में ईडी और सीबीआइ सिर्फ स्वाभाविक कार्यशैली अपना रही हैं और इन एजेंसियों की कार्रवाई में पूर्व की तरह ही राजनीतिक प्रभाव दिखता है।

गुजरात चुनाव का डर!
दूसरी तरफ राजनीति के जानकारों का कहना है कि राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को तब तक नोटिस करती रहेगी जब तक गुजरात चुनाव खत्म नहीं हो जाता क्योंकि जांच एजेंसियों को यह डर सता रहा है कि अगर लालू परिवार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई तो गुजरात चुनाव में विपक्ष इसे मुद्दा बना सकता है और इस मुद्दे के जरिए काफी नुकसान होगा। दरअसल कांग्रेस पहले से ही सीबीआई और ईडी को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर है तथा इसके जरिए यह आरोप लगाता है कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ जांच शुरू कराने और जानबूझकर उन्हें परेशान करने के लिए केंद्र सरकार इन जांच एजेंसियों का सहारा लेती है। इसी वजह से सीबीआई यह नहीं चाहती कि उनकी कार्रवाई राजनीतिक मुद्दा बने।

पूछताछ के बाद करेगी कार्रवाई: जदयू
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार का कहना है कि जांच एजेंसियों ने पूरे साक्ष्य के आधार पर छापेमारी करते हुए मामला दर्ज किया था और उन्हें लगातार अपनी बात रखने के लिए मौका दे रही है। ऐसा नहीं है कि इनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं होगी जिस वक्त जांच एजेंसी को यह पता चलेगा कि इन्होंने अपनी बात को रख दिया है तब उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। ईडी सूत्रों का मानना है कि लालू प्रसाद मामले में एजेंसी कोई भी जल्दी बाजी करना नहीं चाहती है।
हमेशा से ही राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव जांच एजेंसियों से नहीं डरने की बात मीडिया के माध्यम से करते आ रहे हैं। तेजस्वी यादव भी कई बार केंद्र सरकार और बिहार सरकार पर जानबूझकर पूरे परिवार को परेशान करने का आरोप लगा चुके हैं।












Click it and Unblock the Notifications