Shravan Kumar: कौन हैं श्रवण कुमार, बने JDU विधायक दल के नेता, डिप्टी CM रेस में पिछड़े,अब नीतीश ने जताया भरोसा
Shravan Kumar: बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Former CM Nitish Kumar) की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक के बाद जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने वरिष्ठ नेता और नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले श्रवण कुमार (Shravan Kumar) को विधानसभा में विधायक दल का नेता चुन लिया है।
विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना ने इस फैसले पर अंतिम मुहर लगा दी है। यह निर्णय उस घटनाक्रम के महज 24 घंटे बाद लिया गया है, जिसमें पार्टी के तमाम विधायकों ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को यह महत्वपूर्ण फैसला लेने के लिए अधिकृत किया था। श्रवण कुमार की यह नियुक्ति राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा और पार्टी के भीतर सत्ता संतुलन को साधने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कौन हैं श्रवण कुमार, कैसा रहा है उनका राजनीतिक सफर?
श्रवण कुमार बिहार की राजनीति में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वह नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा से आते हैं और नालंदा विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी राजनीतिक मजबूती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह लगातार आठवीं बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं।
पार्टी के भीतर उन्हें एक अत्यंत वफादार, जमीनी और संकटमोचक नेता के रूप में देखा जाता है। उनका सामाजिक आधार और राजनीतिक अनुभव नीतीश कुमार की रणनीति में पूरी तरह फिट बैठता है, यही वजह है कि उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डिप्टी सीएम की रेस से विधायक दल के नेता तक का सफर
पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि श्रवण कुमार को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। हालांकि, पार्टी ने विजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी को इस पद के लिए तरजीह दी। इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि निशांत कुमार द्वारा किसी भी पद को स्वीकार करने से इनकार के बाद श्रवण कुमार को कोई बड़ी भूमिका मिलेगी। विधायक दल का नेता चुनकर पार्टी ने न केवल उनके अनुभव को सम्मान दिया है, बल्कि सरकार और संगठन के बीच समन्वय की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी है।
बिहार पर फोकस करेंगे नीतीश कुमार
जेडीयू की हालिया बैठक के बाद पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने अहम जानकारी शेयर की। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता अब बिहार पर केंद्रित रहेगी। नीतीश कुमार संसद सत्र के दौरान केवल अनिवार्य परिस्थितियों में ही दिल्ली का रुख करेंगे, अन्यथा वह अपना अधिकतम समय राज्य की जनता और विकास कार्यों के बीच बिताएंगे।
पार्टी ने साफ कर दिया है कि नई सरकार में जेडीयू की भूमिका पहले से कहीं अधिक प्रभावी होगी। नीतीश कुमार खुद समय-समय पर राज्य का दौरा करेंगे और विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत की समीक्षा करेंगे। श्रवण कुमार की नियुक्ति को इसी 'बिहार फर्स्ट' मिशन के एक अहम हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
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