Santosh Kumar Suman कौन हैं, कितनी संपत्ति के हैं मालिक? बिहार इलेक्शन लड़े बिना ही तीसरी बार बन गए मंत्री
Santosh Kumar Suman profile: बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की शानदार जीत के बाद बिहार में 20 नवंबर 2025 को नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। नीतीश कुमार के साथ 24 नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। इनमें संतोष कुमार सुमन भी शामिल हैं, जो नीतीश सरकार में तीसरी बार मंत्री बने हैं। जानिए आखिर कौन हैं संतोष कुमार सुमन और कितनी संपत्ति के मालिक हैं, जो बिना बिहार चुनाव लड़े ही मंत्री बन गए।
बता दें बिहार की नई सरकार के गठन में भाजपा नेतृत्व ने अपने 14 मंत्री को शामिल कर नीतीश कैबिनेट में सबसे अधिक पद हासिल किए हैं। कैबिनेट में भाजपा और जेडीयू को 8 मंत्री पद दिए हैं इनके अलावा एनडीए में शामिल चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को दो मंत्री पद मिले हैं। जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को भी एक-एक मंत्री पद मिला है। संतोष कुमार सुमन जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (सेक्युलर) पार्टी से एमएलसी हैं।

कौन है संतोष कुमार सुमन?
संतोष कुमार सुमन बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और HAM के संस्थापक जीतन राम मांझी के बेटे हैं। जीतन राम मांझी ने पार्टी की कमान भी सुमन को सौंप रखी है। HAM के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं, दलितों और पिछड़े वर्गों के मुद्दों पर मुखरता से अपनी बात रखते हैं।
बिना चुनाव लड़े ही संतोष कुमार सुमन बन गए मंत्री
गौरतलब है कि बिहार की नई सरकार मंत्री बनाए गए संतोष सुमन ने एमएलसी हैं उन्होंने बिहार चुनाव लड़ा ही नहीं था। याद रहे पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) ने बिहार चुनाव में कुल पांच सीटें जीती। जिनमें इमामगंज से मांझी की बहू दीपा मांझी ने जीत हासिल की। कुटुंबा सीट पर ललन राम ने और बाराचट्टी से मांझी की समधन ज्योति देवी विजयी हुई हैं। अतरी सीट से रोमित कुमार और सिकंदरा सीट से प्रफुल्ल कुमार मांझी ने जीत हासिल की है। लेकिन पांच विधायकों को दरकिनार करते हुए मांझी ने मंत्री पद के लिए अपने बेटे का नाम आगे किया और उसे मंत्री बनवाया।
कितने पढ़े-लिखे हैं संतोष कुमार सुमन?
डाॅक्टर संतोष सुमन एक शिक्षित राजनेता हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए की डिग्री हासिल की है, यूजीसी-नेट परीक्षा उत्तीर्ण की है, और मगध विश्वविद्यालय से पीएचडी की है। राजनीति में आने से पहले, उन्होंने व्याख्याता और सोशल वर्कर के रूप में भी काम किया है।
2023 में इस्तीफा देकर बटोरी थी सुर्खियां
मंत्री के तौर पर उन्होंने अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग में कार्य किया है। 2023 में, उन्होंने नीतीश कैबिनेट से इस्तीफा देकर सुर्खियां बटोरी थीं, जब उन्होंने पार्टी की स्वतंत्र पहचान बनाए रखने के लिए दबाव का विरोध किया था।
कितनी संपत्ति के मालिक हैं संतोष कुमार सुमन
चुनावी हलफनामे के अनुसार 42 वर्षीय संतोष कुमार के पास कुल चल संपत्ति ₹17,83,839 है, जबकि उनकी पत्नी के पास ₹15,83,550 की चल संपत्ति है। उनके आश्रितों के पास क्रमशः ₹55,800 और ₹1,34,800 की चल संपत्ति है, जिससे कुल चल संपत्ति ₹35,57,989 हो जाती है।
अचल संपत्तियों की बात करें तो इनके पास ₹1,46,81,163 की संपत्ति है, जबकि उनकी पत्नी के पास ₹60,00,000 की अचल संपत्ति है। कुल अचल संपत्ति ₹2,06,81,163 है। इसमें कृषि भूमि, गैर-कृषि भूमि, वाणिज्यिक और आवासीय इमारतें शामिल हैं। देनदारियों में बैंकों और वित्तीय संस्थानों से ₹6,51,328 का ऋण शामिल है। यह ऋण उनके और उनकी पत्नी के नाम पर है। कुल देनदारियां ₹6,51,328 हैं।
एनडीए का पक्की साथी है HUM
पिता की लोकप्रियता और अनुभव ने संतोष कुमार सुमन की राजनीति को मजबूत आधार देकर चार चांद लगाया है अपने राजनीतिक सफर में संतोष सुमन ने एचएएम को जमीनी स्तर पर मजबूत किया है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में HUM का प्रदर्शन भले ही बहुत प्रभावशाली न रहा हो, लेकिन राजनीतिक परिदृश्य में यह पार्टी गठबंधन की संभावित स्थितियों को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण बनी रही है।












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