VIDEO: लंबे इंतजार के बाद लालू यादव से मिले बड़े बेटे तेजप्रताप, पैर धोकर लिया आशीर्वाद
पटना, 24 अक्टूबर: राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव रविवार को करीब साढ़े तीन साल बाद पटना पहुंचे। लालू के पहुंचने पर पटना एयरपोर्ट पर पूरा परिवार एक जुट दिखाई दिया। एयरपोर्ट से निकलने के बाद लालू यादव राबड़ी आवास पहुंचे। लेकिन इसी बीच लालू यादव के बड़े बेटे ने दावा किया है, उन्हें राबड़ी आवास में जाने से रोका गया। हालांकि बाद में पिता लालू यादव से तेजप्रताप ने मुलाकात की।
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सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि लालू यादव और राबड़ी देवी कार में बैठे हुए हैं। इस बीच तेजप्रताप ने कार की अगली सीट पर बैठा लालू के पैर धोए और उनका आशीर्वाद लिया। इससे पहले मीडिया से बात करते हुए तेज प्रताप ने कहा कि, मुझे राबड़ी आवास में जाने से रोका गया। मैं अपने पिता (लालू यादव) को अपने आवास पर भी ले जाना चाहता था, लेकिन उन्हें जाने नहीं दिया गया। तेज प्रताप ने यहां तक कह दिया है कि राजद में कुछ लफंगे भर गए हैं, जो मुझे पार्टी में पीछे कर रहे हैं। मैं जल्द ही बड़ा फैसला लेने जा रहा हूं। माना जा रहा है कि लालू यादव अपने बड़े बेटे तेज प्रताप से नाराज हैं, इस वजह से उन्हें राबड़ी आवास के अंदर जाने नहीं दिया गया।
तेज प्रताप यादव ने कहा कि हमें एयरपोर्ट से घर के बाहर तक की ही इजाजत थी। हमने लालू जी को फोन भी किया था। लेकिन जगदानन्द सिंह के कहने पर अंदर जाने नहीं दिया गया। मैं बाहर से ही लौट गया हूं।तेज प्रताप यादव ने जगदानंद सिंह पर आरोप लगाया कि पटना एयरपोर्ट पर हमें उन्होंने धकेला है। राजद छात्रा युवा राजद के गुंडों के द्वारा भी हमें धकेला गया। तेजप्रताप यादव ने कहा कि, जगदानंद सिंह ने भी हमें धक्का देने का काम किया। जगदानंद सिंह आरएसएस का आदमी है।
तेजप्रताप ने कहा कि, हम एक बहुत बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। तेज प्रताप ने साफ कर दिया है कि वह जल्दी ही बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। उनके बड़े कदम का इशारा इसी बात से मिलता है कि उन्होंने कहा कि उन्हें आज की तारीख में पार्टी यानी आरजेडी से से कोई लेना देना नहीं हैं। जब तक हम आपको पार्टी से नहीं निकालेंगे तब तक हमें RJD से कोई मतलब नहीं है। आगे हम बहुत बड़ा कदम लेने वाले हैं।
लालू प्रसाद यादव के घर के बाहर धरना प्रदर्शन करने के दौरान आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव ने कहा कि, हम धरने पर बैठें हैं और अपने नेता का इंतज़ार कर रहे हैं। हमें आरएसएस के एजेंटों द्वारा रोका गया। हमें अपने पिता से मतलब है लेकिन आरजेडी से कोई मतलब नहीं है। हमें आरजेडी से कोई लेनादेना नहीं है, कोई मतलब नहीं है। आज खुशी का इतना बड़ा मौका था, सब को एक होना था लेकिन ऐसी परिस्थिति में भी हमें बेइज्ज़त किया गया। एयरपोर्ट पर हमें जगदानंद सिंह ने ठेलने का काम किया। ये कैसा रवैया है? तुम आरएसएस वाले हो।












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