Begusarai News: सिमरिया महोत्सव का ऐतिहासिक आयोजन, लेकिन पत्रकार लॉबी नाराज़, मंत्री ने भी जवाब से काटा कन्नी
Simariya Mahotsav Press Dsipute: देव दीपावली, जिसे अक्सर देवताओं की दिवाली कहा जाता है, वाराणसी और सिमरिया घाट में बहुत उत्साह के साथ मनाई जाती है। यह त्यौहार भगवान शिव की राक्षस त्रिपुरासुर पर विजय और देवताओं की स्वर्ग वापसी का प्रतीक है। इस दिन, गंगा के तट पर मिट्टी के दीये जलाए जाते हैं, जो भगवान राम की अयोध्या वापसी का प्रतीक है।
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बेगूसराय जिला प्रशासन और कला एवं संस्कृति विभाग ने संयुक्त रूप से सिमरिया महोत्सव का आयोजन किया। इस दौरान भव्य गंगा आरती के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें राजनीतिक और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम तो काफी ऐतिहासिक रहा, लेकिन पत्रकारों में काफी नाराज़गी देखने को मिली। नीरज कुमार झा ने कहा कि सिमरिया महोत्सव देव दीपावली के आयोजन में बुलाकर अपमानित किया गया। जबकि जिला प्रशासन ने द्वारा आमंत्रित किया गया था। नीचे दिए वीडियों में देखें किस तरह से जिला प्रशासन के खिलाफ पत्रकारों ने नारेबाज़ी की है।
जिला प्रशासन द्वारा मीडिया कर्मियों को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन महोत्सव में पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। आरोप है कि पुलिस ने मीडिया कर्मियों के साथ अपमानजनक व्यवहार किया। सिमरिया महोत्सव देव दीपावली के अवसर पर मीडिया और जिला प्रशासन के बीच विवाद ने नई बहस छेड़ दी है।
जिला प्रशासन के अधिकारियों और पत्रकारों के बीच विवाद पर पत्रकारों में काफी रोष है। उनका कहना है कि आमंत्रित किए जाने के बावजूद मीडियाकर्मियों को पुलिस अधिकारियों के दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। इस घटनाक्रम ने प्रेस की स्वतंत्रता और सार्वजनिक समारोहों में पत्रकारों के साथ व्यवहार को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
आधिकारिक निमंत्रण के बावजूद पत्रकारों के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। इससे सार्वजनिक स्थानों पर प्रेस के साथ कानून प्रवर्तन के संबंधों पर सवाल उठ रहे हैं। पत्रकारों का कहना है कि हम लोगों द्वारा ही कार्यक्रम को दुनिया तक दिखाया जाता है और हम लोगों को ही आमंत्रित कर बेइज़्ज़त किया गया।
प्रतिबंध और उसके बाद पुलिस के व्यवहार ने प्रशासनिक निकायों के भीतर प्रेस की स्वतंत्रता और जवाबदेही पर बहस को हवा दी है। बेगूसराय जिला अधिकारी से यह मांग है कि संबंधित अधिकारियों और कर्मियों से इस घटना क्रम पर जवाब तलब करना चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पत्रकार बिना किसी बाधा या अनादर के अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें।
आपको बता दें कि सिमरिया घाट में 2011 में अर्ध कुंभ मेले के दौरान देव दीपावली मनाना शुरू किया। हर साल की तरह इस साल भी सिमरिया घाट को लगभग 30,000 दीयों से रोशन किया गया। इस त्यौहार में न केवल दीप प्रज्वलन होता है, बल्कि भव्य गंगा आरती, भजन, कीर्तन और नृत्य नाटिकाएँ भी होती हैं।
माना जाता है कि देव दीपावली पर दीप जलाने से स्वास्थ्य और समृद्धि आती है। इस जीवंत त्यौहार के दौरान, धार्मिक समारोहों में भगवान विष्णु, तुलसी, देवी लक्ष्मी, भगवान शिव और देवी पार्वती का सम्मान किया जाता है। देवी काली और गंगा के अवतरण की कहानियों को भक्ति संगीत, नृत्य और नाटक के माध्यम से दर्शाया जाता है। ये प्रदर्शन लोक कला और संस्कृति को प्रदर्शित करते हैं और समुदायों को साझा परंपराओं का जश्न मनाने के लिए एक साथ लाते हैं।












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