Bihar SIR: चुनाव आयोग है या 'इलेक्शन चोरी' शाखा! अब राहुल गांधी और तेजस्वी ने EC पर क्यों किया हमला?
Bihar Voter List 2025: बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोला है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग अब 'इलेक्शन चोरी' शाखा बन चुका है। राहुल गांधी ने दावा किया है कि बिहार में 'SIR' के नाम पर वोट चोरी पकड़ी गई है।
राहुल गांधी ने एक्स (पहले ट्विटर) पर साझा करते हुए पत्रकार अजीत अंजुम की रिपोर्ट का हवाला दिया। राहुल गांधी ने अजीत अंजुम के उस यूट्यूब सीरीज को साझा किया जिसमें वे बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर कथित गड़बड़ियों को उजागर कर रहे हैं। वहीं अजीत अंजुम पर बेगूसराय में सांप्रदायिक तनाव फैलाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन ने एफआईआर दर्ज की है, जिसे उन्होंने नकारा और उसका स्क्रीनशॉट भी साझा किया है।

राहुल गांधी बोले- चुनाव आयोग रंगे हाथ वोट चोरी करता पकड़ा गया!
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, ''बिहार में चुनाव आयोग 'SIR' के नाम पर रंगे हाथ वोट चोरी करता पकड़ा गया। काम सिर्फ चोरी, नाम 'SIR'-पर्दाफाश करने वाले पर होगी FIR! EC अब भी 'इलेक्शन कमीशन' है या पूरी तरह भाजपा की 'इलेक्शन चोरी' शाखा बन चुका है?
तेजस्वी यादव ने क्या कहा?
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा,
"हमें विशेष पुनरीक्षण (SIR) से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इसे जिस तरीके से किया जा रहा है, वह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। हम लोकतंत्र को खत्म होते हुए नहीं देख सकते। हम हर मंच पर इसके खिलाफ लड़ेंगे। हम देश के तमाम बड़े नेताओं को पत्र लिख रहे हैं और 19 जुलाई को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर INDIA गठबंधन की बैठक में हिस्सा लेंगे।"
विपक्ष की आपत्ति क्या है?
विपक्षी दलों का आरोप है कि इस वोटर लिस्ट रिवीजन के जरिए लाखों वैध भारतीय मतदाताओं को केवल नागरिकता दस्तावेजों की कमी के आधार पर सूची से बाहर किया जा रहा है। उन्हें आशंका है कि यह कदम चुनाव से पहले चुनिंदा वर्गों को वोट देने से रोकने की साजिश हो सकता है।
क्या है चुनाव आयोग का पक्ष?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बुधवार (16 जुलाई) को मतदाता सूची की सफाई में लोगों की सक्रिय भागीदारी के लिए बिहार के मतदाताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया 22 साल बाद की जा रही है और इसका मकसद अपात्र वोटरों को हटाना, डुप्लीकेट एंट्री मिटाना और योग्य मतदाताओं को जोड़ना है।












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