Jhanjharpur Lok Sabha Seat: 1984 में जीती थी कांग्रेस, उसके बाद से एक बार भी नहीं लहराया परचम
Jhanjharpur Lok Sabha Seat: देश भर में लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनज़र INDIA बनाम NDA की सियासत शुरू हो चुकी है। इसी बीच बिहार में भी लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ चुका है। बिहार की 40 लोकसभा सीटों पर राजनीतिक पार्टियों ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
बिहार के सियासी गलियारों में लोकसभा सीटों को लेकर चुनावी चर्चा भी तेज़ हो चुकी है। इसी क्रम में आज हम आपको बिहार की झंझारपुर लोकसभा सीट का सियासी इतिहास और समीकरण बताने जा रहे है। इस सीट के अस्तित्व में आने के बाद से अभी तक 13 बार चुनाव हुए हैं, जिसमें पिछड़ों और अति पिछड़ों के बीच ही सियासी दांव पेंच देखने को मिला है।

बिहार की सियासत में झंझारपुर लोकसभा सीट का समीकरण पूरी तरह से अलग है। पहले यह मधुबनी के अंतर्गत था, साल 1972 में यह लोकसभा सीट बनाया गया। 1972 से लेकर 2019 तक यहां 13 बार चुनाव हुए, जिसमें 10 बार पिछड़ा या अति पिछड़ा वर्ग के प्रत्याशी ने सांसद की कुर्सी पर क़ब्ज़ा जमाया है।
पहली बार झंझारपुर लोकसभा सीट पर 1972 में कांग्रेस प्रत्याशी जगन्नाथ मिश्र ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद कांग्रेस के खाते से यह सीट 1977 के चुनाव में भारतीय लोक दल के खाते में चली गई। धनिक लाल मंडल ने अपनी पार्टी का परचम लहराया था। 1980 के चुनाव में यहां से धनिक लाल मंडल ने जनता पार्टी (एस) की टिकट पर जीत दर्ज की थी।
1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए चुनाव में कांग्रेस ने फिर से सीट पर क़ब्ज़ा जमाया। कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. गौरी शंकर राजहंस ने जीत दर्ज कर पार्टी का परचम बुलंद रहा है। ग़ौरतलब है कि इस सीट पर 1984 के बाद से आज तक कांग्रेस जीत दर्ज नहीं कर पाई है। 1989 से 1996 तक लगातार जनता दल के प्रत्याशी देवेंद्र प्रसाद यादव ने जीत की हैट्रिक लगाई।
1998 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी सुरेंद्र प्रसाद यादव ने जीत दर्ज की। इसके बाद 1999 और 2004 में फिर से राष्ट्रीय जनता दल की टिकट पर देवेंद्र प्रसाद यादव ने जीत दर्ज की। 2009 के लोकसभा चुनाव में जनता दल (यूनाइटेड) के प्रत्याशी मंगनी लाल मंडल ने जीत दर्ज की थी।
2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में इस सीट पर विरेंद्र चौधरी ने भाजपा की टिकट पर जीत दर्ज की थी। 2019 के लोकसभा चुनाव में जदयू NDA गठबंधन का हिस्सा थी, इस वजह से यह सीट जदयू के खाते में गई थी, रामप्रीत मंडल ने जीत दर्ज कर पार्टी के खाते में सीट डाली थी।
झंझारपुर लोकसभा सीट के अंतर्गत 6 विधानसभा क्षेत्र आते हैं, इसमें बाबूबरही, खजौली, झंझारपुर, राजनगर, लौकहा और फूलपरास शामिल हैं। यहां के जातीय समीकरण की बात की जाए तो यहां ब्राह्मण, यादव और अति पिछड़ा समुदाय के मतदाताओं की तादाद ज़्यादा है। यादव मतदाता 20 फीसद, ब्राह्मण वोटर 20 फीसद, वहीं अति पिछड़ा वोटर्स की तादाद 35 फीसदी है। वहीं मुस्लिम मतदाता 15 फीसद और अन्य समुदायों के मतदाता 10 फिसद है।
झंझारपुर सांसदों की सूची
1972: जगन्नाथ मिश्रा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1977: धनिक लाल मंडल, भारतीय लोक दल
1980: धनिक लाल मंडल, जनता पार्टी (एस)
1984: जी.एस. राजहंस, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1989: देवेंद्र प्रसाद यादव, जनता दल
1991: देवेंद्र प्रसाद यादव, जनता दल
1996: देवेंद्र प्रसाद यादव, जनता दल
1998: सुरेंद्र प्रसाद यादव, राष्ट्रीय जनता दल
1999: देवेंद्र प्रसाद यादव, राष्ट्रीय जनता दल
2004: देवेंद्र प्रसाद यादव, राष्ट्रीय जनता दल
2009: मंगनी लाल मंडल, जनता दल (यूनाइटेड)
2014: बीरेंद्र कुमार चौधरी, भारतीय जनता पार्टी
2019: रामप्रीत मंडल, जनता दल (यूनाइटेड)












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