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Prashant Kishor ने तेजस्वी यादव को दिया मैट्रिक पास करने का चैलेंज, पहले भी दे चुके हैं ये 3 चुनौतियां

Prashant Kishor Challenge: बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान अगले कुछ सप्ताह में हो सकता है। प्रदेश की सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जनसुराज अभियान के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) लालू यादव के परिवारवाद और नीतीश कुमार के शासन पर जोरदार हमले कर रहे हैं. एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में पीके ने राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को सार्वजनिक रूप से मैट्रिक परीक्षा पास करने की चुनौती दी है।

यह बयान सिर्फ एक व्यक्तिगत हमला नहीं बल्कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की पृष्ठभूमि में एक गंभीर राजनीतिक संकेत भी माना जा रहा है। प्रशांत किशोर ने कहा कि तेजस्वी यादव डीपीएस आरके पुरम में पढ़ने के लिए आए थे, लेकिन 10वीं पास नहीं कर सके। कहते हैं क्रिकेट खेलते थे, लेकिन मैदान पर बस ड्रिंक्स की ट्रॉली ढोते दिखे।

Prashant Kishor

तेजस्वी यादव को दी 10वीं पास करने की चुनौती

पीके ने कहा कि बिहार में ग्रामीण महिलाएं तक शादी और बच्चे के बाद भी पढ़ने की कोशिश करती है। यह शिक्षा के लिए उनकी जागरुकता है। तेजस्वी यादव को मैं खुले मंच से चुनौती देता हूं कि वह मैट्रिक पास करके दिखाएं। अगर वह मैट्रिक पास कर लेते हैं, तो मैं जनसुराज को छोड़ दूंगा, राजनीति भी छोड़ दूंगा। चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने कहा, 'बात डिग्री की नहीं है, शिक्षा के लिए जागरुकता की है। कामराज से बेहतर सीएम कौन होगा, लेकिन उनकी भी फॉर्मल एजुकेशन नहीं हुई थी।'

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Prashant Kishor के निशाने पर पहले भी रहे हैं तेजस्वी यादव

यह पहली बार नहीं है जब प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव को सीधे तौर पर चुनौती दी हो। पीके के निशाने पर लालू यादव का पूरा परिवार रहता है। इससे पहले भी वे तेजस्वी की राजनीतिक समझ, नेतृत्व क्षमता और जनता से जुड़ाव को लेकर सवाल उठा चुके हैं। जानें अब तक उन्होंने लालू परिवार के सदस्यों को कौन सी चुनौतियां दी हैं:

⦁ इससे पहले भी उन्होंने सार्वजनिक मंच से चुनौती देते हुए तेजस्वी यादव से यह पूछा था कि वे जनता के सामने अपने 10 साल के राजनीतिक कार्यकाल की 10 उपलब्धियां गिना दें। उन्होंने कहा था कि परिवारवाद के सहारे आगे बढ़ने वाले नेता अपने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कुछ बोल नहीं पाते हैं।

⦁ तेजस्वी यादव के सामान्य ज्ञान और पढ़ाई-लिखाई पर निशाना साधना कोई नई बात नहीं है। एक बार उन्होंने कहा था कि अगर तेजस्वी यादव जीडीपी क्या होती है, ये भी बता दें तो वह उन्हें नेता मान लेंगे। पीके लालू यादव की बेटियों मीसा भारती और रोहिणी आचार्य की मेडिकल डिग्री पर भी सवाल उठा चुके हैं।

⦁ लालू यादव ने जब अपने बडे़ बेटे तेजप्रताप यादव को पार्टी और परिवार से निकाला था तब भी पीके ने तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि मैं चुनौती देकर कहता हूं कि यह सब दिखावा है। लालू यादव कभी यह कहने की हिम्मत करें कि मुख्यमंत्री उनके बेटे तेजस्वी यादव के अलावा कोई और बनेगा।

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राजनीतिक बयान के पीछे की रणनीति

प्रशांत किशोर की इन तीखी टिप्पणियों को सिर्फ कटाक्ष नहीं, बल्कि एक सुनियोजित रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। किशोर बिहार में अपनी जनसुराज यात्रा के माध्यम से एक वैकल्पिक राजनीतिक मंच खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। तेजस्वी यादव की लोकप्रियता और युवाओं में पकड़ को देखते हुए, किशोर उन्हें घेरकर अपने लिए राजनीतिक जमीन तैयार करना चाहते हैं।

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