Bihar Politics: सावन में मटन पार्टी, NDA की सियासत में संस्कृति और सत्ता की दोहरी चाल, विपक्ष ने साधा निशाना
Bihar Politics: बिहार की सियासत एक बार फिर "थाली" से "ताल" तक पहुंच चुकी है। केंद्रीय मंत्री और जेडीयू सांसद ललन सिंह की मटन पार्टी ने सावन की आस्था को सियासी बहस में बदल दिया है। लेकिन सवाल सिर्फ मटन पर नहीं, सत्ता की सोच और सियासी सहूलियत पर भी है।
लखीसराय में 472 करोड़ की परियोजनाओं के शिलान्यास के बाद जब ललन सिंह ने रैली की, तो लोगों को विकास के वादे के साथ मटन भोज परोस दिया गया। मंच से खुद ललन सिंह ने एलान किया - "सावन वालों के लिए शाकाहारी, बाकियों के लिए मटन है!"

कांग्रेस ने बताया सनातन का अपमान
लेकिन क्या बिहार की मिट्टी में यह सिर्फ भोज था? या फिर इससे NDA की "संस्कृति और सियासत की दोहरी चाल" एक बार फिर बेनकाब हो गई? कांग्रेस ने इसे सनातन का अपमान बताया है। कांग्रेस नेता बी. वी. श्रीनिवास ने इस भोज का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, सावन में मोदी-नीतीश की मटन पार्टी! धर्म के ठेकेदारों, डूब मरो!
RJD की खामोशी, रणनीति या असहजता?
कांग्रेस इस मुद्दे को सिर्फ ललन सिंह या जेडीयू तक सीमित नहीं रख रही, सीधे पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार को कटघरे में खड़ा कर रही है। अचरज की बात यह है कि इस मुद्दे पर RJD चुप है। क्या यह खामोशी रणनीति का हिस्सा है या फिर पिछले विवादों की शर्मिंदगी का नतीजा?
कभी महागठबंधन के नेताओं पर उठे थे सवाल
पिछले साल लालू प्रसाद यादव ने राहुल गांधी को सावन में मटन खिलाकर सियासी बवाल मचाया था। नवरात्रि में तेजस्वी यादव का मछली खाते वीडियो वायरल हुआ तो BJP ने इसे "हिंदू अपमान" बताया था। अब जब NDA के ही एक केंद्रीय मंत्री ने सावन में मटन भोज कराया है, तो BJP चुप क्यों है? क्या ये वही BJP नहीं, जो नवरात्र में मछली खाने पर RJD को "संस्कृति विरोधी" बताती थी?
सियासी गलियारों में उठे कई सवाल
सियासी गलियारों में ये चर्चा का विषय बना हुआ है कि NDA के भीतर क्या तारीख़ देखकर संस्कार तय होते हैं? या फिर राजनीतिक फायदा देखकर संस्कृति का 'संस्कार' बदल जाता है? जनता के सवाल, क्या विकास अब भोज में तौला जाएगा?, लखीसराय की जनता के लिए सवाल यह नहीं है कि मटन परोसा गया या परहेज रखा गया।
सवाल यह है कि क्या सियासत अब "भोज" से लोगों का दिल जीतने की कोशिश करेगी, या फिर विकास कार्यों की गंभीरता, भोज की भीड़ में गुम हो जाएगी?, बिहार में धर्म, राजनीति और थाली, सब एक ही मंच पर नजर आ रहे हैं। NDA की तरफ से कोई ठोस जवाब नहीं, सिर्फ एक "भोज" है, जो सवाल छोड़ गया है, "सावन में मटन पर मौन क्यों?"












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