Gaya Pitrupaksh Mela: रसिया, जर्मनी समेत कई देशों से पिंडदान करने पहुंचे विदेशी मेहमान, 4 सालों से लगातार...

Gaya Pitrupaksh Mela: बिहार के गया जिले में सनातन धर्म के लोगों का गयाजी धाम में पितृपक्ष मेला चरम पर है। भगवान विष्णु की मोक्ष नगरी गयाजी में 17 सितंबर से मेले की धूम है। देश-दुनिया के कोने-कोने से काफी तादाद में रोज़ाना सनातनी अपने पुरखों के पिंडदान के लिए गया धाम पहुंच रहे हैं।

सात समुंदर पार से भी विदेशी तीर्थयात्री अपने पुरखों का पिंडदान करने के गया आ रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को भी विदेशी तीर्थयात्री भगवान शिव की नगरी वाराणसी होते हुए भगवान विष्णु की नगरी मोक्ष धाम गयाजी पहुंचे। विदेश से कुल 12 तीर्थयात्री गयाजी पहुंचे हैं।

Pitrupaksh Mela Foreign guests from many countries Russia Germany came for pind daan

सभी विदेशी तीर्थयात्री अलग-अलग अलग देश के हैं। गयाजी पहुंचने के बाद विदेशी तीर्थयात्रियों ने शनिवार की रात विष्णुपद, देवघाट और सीताकुंड परिसर का भ्रमण किया। विदेशी तीर्थयात्रियों के समूह में रूस, रसिया, उज्बेकिस्तान, नाइजेरिया, जर्मनी, धाना और अफ्रीका के लोग हैं, जो अपने पुरखों का पिंडदान करेंगे।

विदेशी श्रद्धालु का स्वागत ज़िला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने संवाद सदन कार्यालय में किया। डीएम ने आये सभी विदेशी श्रद्धालु से जानकारी लिया कि गयाजी में आप सभी आये, यहां का कल्चर कैसा लग रहा है।

पितृपक्ष के दौरान व्यवस्थाएं कैसी लग रही है, गया जी आकर आप कैसा महसूस कर रहे हैं इत्यादि राज्य सरकार द्वारा हर वर्ष बड़ी संख्या में आने वाले पिंडदानियों के लिये व्यपक पैमाने पर तैयारी की जाती है। इसके अलावा गयाजी डैम का निर्माण करवाया है, अब तर्पण जैसे महान अनुष्ठान के लिये सालों भर पानी उपलब्ध रखने की व्यवस्था की गई है।

हर घर तक गंगाजल पेयजल के रूप में राज्य सरकार ने उपलब्ध करवाया है। विदेशी श्रद्धालु ने बताया कि वह लगातार 3-4 वर्षो के यहां पिंडदान करने आ रहे हैं। हर वर्ष व्यवस्थाएं साल दर साल और उच्च स्तर पर बढ़ता जा रहा है। इस वर्ष भी काफी अच्छी व्यवस्था हम सभी तीर्थ यात्रियों के लिए की गई है।

हर छोटी से छोटी चीजों को ध्यान में रखकर व्यवस्थाएं की गई हैं, जो काफी अच्छी चीज है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा का भी अच्छा इंतजाम है। निर्भीक होकर कोई भी तीर्थयात्री कहीं भी आ जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग पूजा के दौरान गंगाजल प्रयोग करते हैं, गया जी में गंगाजल पाकर और काफी खुशी मिली है।

विदेशी यात्रियों ने और अधिक गंगाजल पैकेट की उत्सुकता जताई और उन्हें तुरंत उपलब्ध करा दिया गया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष हर तीर्थ यात्रियों के लिए उपहार स्वरूप गंगाजल पूछ के माध्यम से वितरण कराया जा रहा है।

डीएम ने बारी बारी से सभी विदेशी श्रद्धालुओं को गया जी पर आधारित कॉफी टेबल बुक, इस वर्ष पितृपक्ष मेला के अवसर पर प्रकाशित तर्पण पुस्तिका एवं गंगाजल का पैकेट उन्हें भेंट की गई। विदित हो कि सोमवार को विदेशी श्रद्धालु देवघाट पर पूर्वजों के निमित्त कर्मकांड करेंगे। सोमवार को भगवान श्री हरि विष्णु के चरणों में नतमस्तक होंगे।

इन विदेशी तीर्थयात्रियों के पूर्वजों का अर्पण तर्पण और श्राद्ध से जुड़े कर्मकांड को आचार्य लोकनाथ गौड़ कराएंगे। आचार्य लोकनाथ गौड़ ने बताया कि सभी विदेशी श्रद्धालु गया धाम पहुंच चुके हैं। उनके पुरखों के पिंडदान और श्राद्धकर्म की तैयारी की जा रही है।

सोमवार को देवघाट, विष्णुपद, अक्षयवट और सीताकुंड पिंडवेदी पर पिंडदान होगा। अपने पूर्वजों के पिंडदान की उन्होंने इच्छा जाहिर की थी। उसे पूरा करने के लिए आज गयाजी पहुंचे है। पितृपक्ष मेला के दौरान इनके अलावा भी अलग-अलग देशों से विदेशी अपने पुरखों का पिंडदान करने गया धाम आ रहे हैं।

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