पटना में डबल मर्डर, अस्पताल में कुख्यात अपराधी को मारा, दानापुर में युवक को रेता, मचा हड़कंप
Patna Paras Hospital News: बिहार में अपराधियों के हौसले एक बार फिर से सिर चढ़कर बोलते नजर आए। एक ओर राजधानी पटना के प्रतिष्ठित पारस अस्पताल में इलाजरत कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा को गोली मार दी गई, वहीं दूसरी ओर दानापुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में 20 वर्षीय युवक शिवम उर्फ बंटी की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी गई।
इन दो सनसनीखेज घटनाओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक दिन पहले 16 जुलाई को ही बिहार पुलिस की ओर से यह दावा किया गया था कि प्रदेश में संगठित अपराध और पेशेवर शूटरों पर शिकंजा कसा जा रहा है।

अगले ही दिन गुरुवार की सुबह, राजधानी में दो अलग-अलग जगहों पर हुई हत्याओं ने पुलिस के दावों की पोल खोल दी। दानापुर में एक युवक की हत्या और पारस अस्पताल में कुख्यात अपराधी पर हमले ने साबित कर दिया कि अपराधी बेखौफ होकर कानून को खुली चुनौती दे रहे हैं।
पटना के पारस अस्पताल में गैंगवॉर
गुरुवार, 17 जुलाई की सुबह पटना के पॉश इलाके में स्थित पारस अस्पताल में उस वक्त अफरातफरी मच गई जब कुछ अज्ञात हथियारबंद हमलावर अस्पताल परिसर में दाखिल हुए और इलाजरत कैदी चंदन मिश्रा को गोलियों से छलनी कर दिया। चंदन मिश्रा एक कुख्यात अपराधी था, जिस पर हत्या, लूट और रंगदारी जैसे दर्जनों संगीन मुकदमे दर्ज थे। वह फिलहाल मेडिकल आधार पर पैरोल पर बाहर था और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती था।
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि यह हमला संभवतः गैंगवार का हिस्सा है और हमलावर काफी योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अस्पताल की CCTV फुटेज खंगाली जा रही है और सुरक्षा में हुई संभावित चूक की भी जांच की जा रही है।
IG जितेंद्र राणा ने इस हमले को बेहद गंभीर बताया और आशंका जताई कि अस्पताल की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी इस घटना में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा, "हम इस पहलू की भी जांच कर रहे हैं कि क्या यह हमला अंदरूनी मिलीभगत का नतीजा है। बक्सर पुलिस की मदद से हम हमलावरों की पहचान करने में जुटे हैं।"
दानापुर के शाहपुर में 20 वर्षीय युवक की हत्या से गांव में मातम
पारस अस्पताल की घटना से महज कुछ घंटों पहले, पटना से सटे शाहपुर थाना क्षेत्र के हथियाकांध गांव में राकेश सिंह के बेटे शिवम उर्फ बंटी (20) की लाश खून से लथपथ हालत में उसके घर के बाहर मिली। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पश्चिम पटना के SP भानु प्रताप सिंह ने बताया कि युवक के सिर पर धारदार हथियार से हमला किया गया था जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
शिवम के परिवार के अनुसार, वह दानापुर में रहकर पढ़ाई कर रहा था और चार दिन पहले ही गांव आया था। उसके दादा देवेंद्र सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया, "रविवार की रात शिवम हमारे कमरे में सोने आया था। फिर उसने कहा कि मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरे कमरे में जा रहा है, लेकिन वापस नहीं आया। हमें लगा वह वहीं सो गया होगा। सुबह उसका शव घर के बाहर मिला।"
SP सिंह ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला आपसी रंजिश का लग रहा है और संभावना है कि मृतक और आरोपी एक-दूसरे को जानते हों। हत्या की रात शिवम को अंतिम बार रात 11 बजे देखा गया था।
कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह ने नीतीश सरकार पर साधा निशाना
इन दोनों सनसनीखेज घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा, "बिहार में अब कोई सुरक्षित नहीं है। एनडीए शासन में हत्या, अपहरण और महिलाओं पर अत्याचार के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सरकार कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल रही है।"
उन्होंने कहा कि ये घटनाएं साबित करती हैं कि अपराधी बेलगाम हो चुके हैं और जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे है।
कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में
पारस जैसे उच्च सुरक्षा वाले निजी अस्पताल में गोलीबारी और एक साधारण गांव में युवक की बेरहमी से हत्या यह बताने के लिए काफी है कि बिहार में अपराधी न कानून से डरते हैं, न व्यवस्था से। पुलिस हर बार की तरह तफ्तीश और जांच की बात कह रही है, लेकिन अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस के बीच आमजन का भरोसा टूटता नजर आ रहा है।
अब यह देखना होगा कि प्रशासन इन मामलों में कितना तेज़ी से कार्रवाई करता है और क्या अपराधियों तक पहुंचने में सफल हो पाता है या यह घटनाएं भी बिहार की फाइलों में सिर्फ एक और 'अनसुलझे केस' बनकर रह जाएंगी।












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