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Pappu Yadav Bail: पप्पू यादव को मिली जमानत, कब आएंगे जेल से बाहर

Pappu Yadav Bail: पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के समर्थकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। पटना की बुद्धा कॉलोनी और कोतवाली थाने से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में कोर्ट ने उन्हें जमानत (Bell) दे दी है। इन मामलों में राहत मिलने के बाद अब पप्पू यादव के जेल से बाहर आने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

पिछले कुछ दिनों से न्यायिक हिरासत में चल रहे सांसद की रिहाई की खबर मिलते ही उनके समर्थकों में जश्न का माहौल है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही वे जेल से बाहर आएंगे, जिसे बिहार की राजनीति के लिए एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।

Pappu Yadav Bail

7 फरवरी को गिरफ्तार हुए थे पप्पू यादव

7 फरवरी को पटना के मंदिरी आवास से नाटकीय ढंग से गिरफ्तार हुए पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के लिए राहत भरी खबर है। 6 दिनों तक बेऊर जेल में रहने के बाद, कोर्ट ने उन्हें बुद्धा कॉलोनी और कोतवाली थाने के मामलों में जमानत दे दी है। इस कानूनी जीत के बाद अब उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। रिहाई की खबर मिलते ही समर्थकों में भारी उत्साह है और पटना से पूर्णिया तक जश्न का माहौल बना हुआ है।

'सत्यमेव जयते', पप्पू यादव ने किया ट्वीट

पटना की बेऊर जेल से रिहाई का रास्ता साफ होते ही पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर हुंकार भरी है। उन्होंने पोस्ट करते हुए लिखा- "सत्यमेव जयते! सभी मुकदमों में जमानत हो गई है, सांसद पप्पू यादव जी शीघ्र आज़ाद होंगे। वह न्याय-इंसाफ़ के लिए सदैव लड़ेंगे।" 7 फरवरी को गिरफ्तारी के बाद 6 दिन सलाखों के पीछे गुजारने वाले पप्पू यादव के लिए यह कानूनी जीत संजीवनी की तरह है। समर्थकों का मानना है कि उनकी रिहाई से बिहार की राजनीति में एक बार फिर जन-मुद्दों की गूंज सुनाई देगी।

31 साल पुराना मामला और जालसाजी का आरोप

पप्पू यादव की गिरफ्तारी के पीछे 1995 का एक पुराना विवाद था, जो गर्दनीबाग थाने में दर्ज हुआ था। उन पर आरोप है कि पटना के जिस मकान में वे किराये पर रहते थे, उस पर अवैध कब्जा कर उन्होंने अपना सांसद कार्यालय खोल लिया था। मकान मालिक की शिकायत पर धारा 467 (दस्तावेजों की जालसाजी) के तहत मामला दर्ज किया गया था। कोर्ट इस मामले में लंबे समय से वारंट जारी कर रही थी, लेकिन कथित तौर पर उनके पेश न होने के कारण यह मामला 31 साल तक खिंचता चला गया।

राजनीतिक बदले की भावना या कानूनी कार्रवाई?

पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर बिहार का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। विपक्ष ने इसे 'पॉलिटिकल वेंडेटा' यानी राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया था। समर्थकों का तर्क है कि वर्षों पुराने मामले को अचानक हवा देना सरकार की सोची-समझी साजिश है ताकि उनकी बढ़ती सक्रियता पर लगाम लगाई जा सके। हालांकि, अब जमानत मिलने के बाद पप्पू यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि वे न तो नाइंसाफी बर्दाश्त करेंगे और न ही अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज को दबने देंगे।

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