बिहार: एक मंत्री की शपथ और बढ़ गई मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुश्किलें, जानिए पूरा मामला
अख्तरुल इमान ने बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कि सरकार बनाने के चक्कर में महागठबंधन के लोगों ने जल्दबाजी में कैसे-कैसे फैसले ले लिए है। विधायक अखतरुल इमान ने कहा कि सरकार के कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह खुद...
किशनगंज, 18 अगस्त 2022। बिहार में कानून मंत्री कार्तिकेय कुमार का मामला अब सियासी मुद्दा बनते जा रहा है। विपक्षी दलों के नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में एआईएमआईएम के बिहार प्रदेश अध्यक्ष सह अमौर विधायक अख्तरुल ईमान ने महागठबंधन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जिनके ऊपर कानून की रखवाली का जिम्मा हो अगर वो कानून का पालन नहीं करें, तो ये घोर अपराध है। अख्तरुल इमान ने बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कि सरकार बनाने के चक्कर में महागठबंधन के लोगों ने जल्दबाजी में कैसे-कैसे फैसले ले लिए है। विधायक अखतरुल इमान ने कहा कि सरकार के कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह खुद कानून की नजर में फरार चल रहे हैं। उनके ऊपर वारंट जारी है। और उन्हें गवर्नर हाउस में पहुचांकर मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए शपथ दिलाया गया। इस तरह कर के सरकार क्या साबित करना चाहती है।

भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष टीटू बडवाल ने भी सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि खुद सुशासन का टिकरा फोड़ने वाले सीएम नीतीश कुमार को जवाब देना चाहिए। किस आदमी को कानून मंत्री बनाया गया है। बिहार की जनता को इस महागठबंधन की सरकार में और भी कुछ देखना बाकी है, अभी तो आगाज हुआ है। बिहार की जनता ने कुछ सोचकर ही एनडीए के पक्ष में मेंडेड दिया था। भाजपा के लोगों ने ईमानदारी से नीतीश कुमार के साथ गठबंधन धर्म का पालन किया, लेकिन नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ छलने का काम किया है। नीतीश कुमार के लिए कुर्सी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।
बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने बिहार में 'जंगल राज' शुरू करने के भाजपा के आरोप पर कहा कि बीजेपी के पास हमें बदनाम करने के अलावा और कोई काम नहीं है। जिस दिन से हमने राज्य के लोगों को 10 लाख नौकरियां देने की घोषणा की है, भाजपा असहज हो गई है। वहीं बिहार के कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह के कथित रूप से बकाया गिरफ्तारी वारंट पर उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारी मंशा साफ है। वारंट जारी होने के बाद कोर्ट ने कोई कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया था। हम कोर्ट के आदेशों का पालन करेंगे और इस मुद्दे पर विचार करेंगे।
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