Nitish Kumar Resignation: 20 साल बाद ‘नीतीश युग’ का अंत! इस्तीफा देकर बदली सियासत, CM से राज्यसभा तक पूरा सफर

Nitish Kumar Resignation: बिहार की राजनीति के केंद्र बिंदु रहे नीतीश कुमार ने आज (14 अप्रैल) मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। पिछले दो दशकों से बिहार की सत्ता के इर्द-गिर्द घूमने वाली राजनीति आज एक नए मोड़ पर खड़ी है। नीतीश कुमार अब पटना के 'लोकभवन' से निकलकर दिल्ली की 'राज्यसभा' के गलियारों में अपनी नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। उनके इस्तीफे के साथ ही बिहार में नए नेतृत्व की सुगबुगाहट तेज हो गई है और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम इस रेस में सबसे आगे चल रहा है।

Nitish Kumar resignation

कयास लगाए जा रहे हैं कि आज शाम 4 बजे होने वाली एनडीए (NDA) की बैठक में सम्राट चौधरी के नाम पर मुख्यमंत्री के तौर पर आधिकारिक मुहर लग जाएगी। बिहार की राजनीति में यह एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि लंबे समय बाद भाजपा किसी अपने चेहरे को सूबे की कमान सौंपने की तैयारी में है।

नीतीश कुमार की अंतिम कैबिनेट बैठक: "जितना हो सका, बिहार के लिए किया"

इस्तीफा देने से ठीक पहले नीतीश कुमार ने अपनी कैबिनेट की आखिरी बैठक की अध्यक्षता की। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में माहौल काफी भावुक था। नीतीश कुमार ने मंत्रियों और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को संबोधित करते हुए कहा, "2005 में जब मैंने कमान संभाली थी, तब से लेकर आज तक मैंने बिहार की बेहतरी के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी। विकास की यह यात्रा रुकनी नहीं चाहिए और मेरा अनुभव नई सरकार के काम आता रहेगा।" बैठक के बाद कैबिनेट के सभी सदस्यों के साथ एक यादगार ग्रुप फोटो भी ली गई।

1985 से 2026 तक: नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर Nitish Kumar Political Journey)

नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर भारतीय राजनीति में सबसे दिलचस्प यात्राओं में से एक माना जाता है। 1 मार्च 1951 को जन्मे नीतीश ने छात्र जीवन से ही जेपी आंदोलन के जरिए अपनी पहचान बनाई थी।

  • राजनीतिक उदय: 1985 में पहली बार विधानसभा पहुंचे नीतीश कुमार ने समाजवाद के झंडे को बुलंद किया। जॉर्ज फर्नांडिस के साथ मिलकर उन्होंने समता पार्टी बनाई और बिहार में जंगलराज के खिलाफ बिगुल फूंका।
  • अटल सरकार में दबदबा: 1996 में लोकसभा पहुंचे। नीतीश कुमार केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान वे देश के कद्दावर रेल मंत्री रहे।
  • रिकॉर्ड 10 बार शपथ: 2005 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद नीतीश कुमार ने कुल 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जो भारतीय राजनीति में एक बेमिसाल रिकॉर्ड है।
  • राज्यसभा का सफर: मार्च 2026 में उन्होंने मुख्यमंत्री पद त्यागने और राज्यसभा जाने की घोषणा की थी, जिसके बाद 10 अप्रैल 2026 को उन्होंने संसद के ऊपरी सदन की सदस्यता ग्रहण की।

गठबंधन की राजनीति के उस्ताद

नीतीश कुमार की राजनीति की सबसे बड़ी पहचान उनके गठबंधन बदलने के फैसले रहे। 2010 में उन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर भारी बहुमत से जीत हासिल की।

लेकिन 2013 में उन्होंने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद बीजेपी से अलग रास्ता चुन लिया। इसके बाद उन्होंने RJD और कांग्रेस के साथ महागठबंधन बनाया।

2014 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद उन्होंने इस्तीफा दिया और जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया, लेकिन 2015 में फिर वापसी कर ली।

2017 में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच उन्होंने RJD से नाता तोड़कर फिर NDA का दामन थाम लिया। 2020 में उनकी सरकार दोबारा बनी, लेकिन 2022 में उन्होंने फिर महागठबंधन का रुख किया। जनवरी 2024 में उन्होंने एक बार फिर NDA में वापसी की और 2025 के चुनाव में गठबंधन ने बड़ी जीत दर्ज की।

रिकॉर्ड और उपलब्धियां

नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता रहे। उन्होंने कुल 10 कार्यकाल पूरे किए और राज्य की राजनीति में स्थिरता का चेहरा बने।

उनके कार्यकाल में सड़क, शिक्षा और कानून व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में कई बदलाव देखने को मिले। हालांकि, उनकी बार-बार की राजनीतिक पलटियों को लेकर उन्हें आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा।

एक युग का अंत, नई शुरुआत

नीतीश कुमार का इस्तीफा सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में एक बड़े युग के अंत का संकेत है।करीब 20 साल तक सत्ता के केंद्र में रहने के बाद उनका यह कदम राज्य की राजनीति को नई दिशा देगा। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि नई सरकार बिहार को किस दिशा में ले जाती है और सम्राट चौधरी के नेतृत्व में क्या नया बदलाव देखने को मिलेगा।

FAQs

1. नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद क्यों छोड़ा?
नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद के रूप में चुने जाने के बाद अपना इस्तीफा सौंपा है। वे अब दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

2. बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?
वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बिहार के अगले मुख्यमंत्री बनने की रेस में सबसे आगे हैं और उनके नाम पर मुहर लगना लगभग तय है।

3. नीतीश कुमार ने कितनी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली?
नीतीश कुमार ने अपने पूरे राजनीतिक करियर में 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का रिकॉर्ड बनाया है।

4. नीतीश कुमार ने पहली बार मुख्यमंत्री पद कब संभाला था?
उन्होंने पहली बार साल 2000 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, लेकिन बहुमत न होने के कारण इस्तीफा देना पड़ा था। पूर्ण बहुमत के साथ वे 2005 में सत्ता में आए।

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