बिहार: पहले हुई शिक्षा महंगी, अब छात्रों के सरकार देने जा रही राहत, पढ़िए क्या है मामला ?

बिहार में एक तरफ़ सरकारी स्कूलों में शिक्षा महंगी हो चुकी है, तो वहीं दूसरी तरफ़ नीतीश सरकार ने छात्रों को राहत भी दी है।

पटना, 6 अप्रैल 2022। बिहार में एक तरफ़ सरकारी स्कूलों में शिक्षा महंगी हो चुकी है, तो वहीं दूसरी तरफ़ नीतीश सरकार ने छात्रों को राहत भी दी है। सरकारी स्कूलों में नए सत्र की शुरुआत से के साथ राज्य के 72 हज़ार प्राइमरी स्कूलों में छात्रों को किताबों के लिए राशि मुहैय्या कराने की क़वायद तेज़ हो चुकी है। पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के करीब सवा करोड़ छात्रों को किताबों के लिए सरकार की तरफ़ से पैसे दिए जाएंगे। इस बाबत शिक्षा विभाग ने गर्मी की छुट्टी से पहले ही छात्रों के खाते में पैसे डालने की तैयारी कर रही है, ताकि छात्र वक़्त पर किताब ख़रीद सकें। छात्रों के किताबों के मद मे 489 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।

489 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान

489 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान

विद्यार्थियों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा अधिकार के तहत छह से 14 साल के छात्रों के खाते में हर शिक्षा विभाग की तरफ़ से डीबीटी के ज़रिए पैसे उपलब्ध कराये जाते हैं। पिछले साल भी बच्चों के किताबों के मद 1 करोड़ 21 लाख 96 हजार 246 रुपये बच्चों के खातों में 378 करोड़ 62 लाख 77 हजार 856 रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इस बार भी सवा करोड़ छात्रों को किताबें ख़रीदने जल्द ही राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। कक्ष पहली से पांचवीं कक्षा के हर एक छात्रों के खाते में ढाई सौ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। इसके साथ ही कक्षा छह से कक्षा आठ में पढ़ने वाले छात्रों के खाते में चार सौ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।

विद्यार्थियों के लिए शिक्षा महंगी

विद्यार्थियों के लिए शिक्षा महंगी

विद्यार्थियों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा अधिकार के तहत छह से 14 साल के छात्रों के खाते में हर शिक्षा विभाग की तरफ़ से डीबीटी के ज़रिए पैसे उपलब्ध कराये जाते हैं। पिछले साल भी बच्चों के किताबों के मद 1 करोड़ 21 लाख 96 हजार 246 रुपये बच्चों के खातों में 378 करोड़ 62 लाख 77 हजार 856 रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इस बार भी सवा करोड़ छात्रों को किताबें ख़रीदने जल्द ही राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। कक्ष पहली से पांचवीं कक्षा के हर एक छात्रों के खाते में ढाई सौ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। इसके साथ ही कक्षा छह से कक्षा आठ में पढ़ने वाले छात्रों के खाते में चार सौ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।

अब लिए जाएंगे 200 रुपये विकास शुल्क

अब लिए जाएंगे 200 रुपये विकास शुल्क

शिक्षा विभाग से मुताबिक 11वी में अब 200 रुपये विकास शुल्क लिए जाएंगे। पहले 11वीं में विकास शुल्क के नाम पर 160 रुपये लिए जाते थे। अब विकास शुल्क में 40 रुपये और बढ़ा दिया गया है। इस तरह से देखा जाए तो नए सत्र के फ़ीस स्ट्रक्चर के मुताबिक 9वीं में दाखिला लेने वाले छात्रों को 181 रुपये ज़्यादा चुकाने होंगे। वहीं 11वीं कक्षा में दाखिला लेने वाले छात्रों को 165 रुपये ज्यादा देने होंगे। इतना ही नही शिक्षा विभाग जारी किए गए आदेश के मुताबिक मनोरंजन के लिए भी बच्चों को स्कूल में फीस देना होगा।

पहले 10 रुपये लगते थे मनोरंजन चार्ज

पहले 10 रुपये लगते थे मनोरंजन चार्ज

बिहार के सरकारी स्कूल में पहले 9वी कक्षा में छात्र 10 रुपये मनोरंजन फीस देते थे। लेकिन अब उस फीस दोगुना बढ़ा दिया गया है। मतलब कि अब 10 की जगह 20 रुपये मनोरंजन फ़ीस देना होगा। वहीं 11वीं के छात्रों को मनोरंजन फ़ीस तीन गुणा बढ़ा कर देना होगा। पहले मनोरंजन फीस के नाम 20 पर 20 रुपये देने होते थे लेकिन अब उसे बढ़ाकर 60 रुपये कर दिया गया है। इसके बाद भी छात्रों पर से शिक्षा की महंगाई का बोझ कम नहीं हुआ है। नौवीं के छात्रों को 50 रुपये अलग से विद्यालय के रख रखाव के लिए फ़ीस के तौर पर चुकाने होंगे। ग़ौरतलब है कि पहले 9वीं के छात्रों को रख रखाव के नाम पर एक रुपया भी फ़ीस नहीं देना होता था।

विद्यालय के विकास कोष में जमा होगी राशि

विद्यालय के विकास कोष में जमा होगी राशि

बिहार के सराकरी उच्च विद्यालयों में पहले 11वीं के छात्रों को पहले के तरह ही रख रखाव के नाम पर 150 रुपये चार्ज देने होंगे। इन सब चार्जों के अलावा सभी छात्रों के बिजली बिल में भी बढा हुआ चार्ज चुकाना पड़ेगा। बिजली बिल के स्ट्रक्चर की बात की जाए तो 9वीं के बच्चों 20 रुपये बिजली बिल देने होंगे और 11वीं के छात्रों को 80 रुपये बिजली बिल देने होंगे। पहले 9वी के छात्रों को 10 रुपये और 11वीं के छात्रों से 60 रुपये बिजली बिल लिया जाता था। आपको बता दें कि जिस विद्यालय से छात्रों ने 9वी की पढ़ाई की है उसी विद्यालय से 11वीं की पढ़ाई करने पर छात्रों से दाखिला चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा एससी-एसटी छात्रों को ट्यूशन फीस में छूट दी जाएगी। समिति की तरफ़ फॉर्म के लिए स्कूलों को फीस चुकाया जाएगा। विद्यालय के विकास कोष में सभी विद्यालयों में सभी तरह की राशि जमा की जाएगी।

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