BJP ने जारी किया बिहार चुनाव के लिए घोषणा पत्र, जानिए क्या हैं बड़े वादे
नई दिल्ली: बिहार में इस महीने के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिस वजह से सभी पार्टियों ने एड़ी से चोटी तक का जोर लगा दिया है। इस बीच गुरुवार को पटना में भारतीय जनता पार्टी ने बिहार चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र जारी किया, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इससे एक दिन पहले कांग्रेस और एलजेपी ने अपना घोषणा पत्र जारी किया था।
Recommended Video

घोषणा पत्र को जारी करने के बाद निर्मला सीतारमण ने कहा कि बिहार एक ऐसा राज्य है जहां सभी नागरिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील और हर मुद्दों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। वे उन वादों को जानते और समझते हैं जिन्हें पार्टी करती है। अगर कोई भी हमारे घोषणापत्र पर सवाल उठाता है, तो हम उन्हें विश्वास के साथ जवाब दे सकते हैं। हम जितने भी वादे करते हैं उन्हें पूरा भी करते हैं। बिहार चुनाव के लिए बीजेपी के घोषणा पत्र का ध्ये वाक्य '5 सूत्र, 1 लक्ष्य और 11 संकल्प' है।
ये हैं बीजेपी के 11 संकल्प
- जैसे ही कोरोना वायरस का टीका ICMR से अप्रुव होकर आएगा, वैसे ही बिहार के सभी लोगों को निशुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा।
- मेडिकल, इंजीनियरिंग समेत सभी तकनीकी शिक्षा को हिंदी में उपलब्ध करवाया जाएगा।
- एनडीए सरकार ने बिहार में 3.5 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की, इसको आगे बढ़ाते हुए राज्य के सभी विद्यालय, उच्च शिक्षा के विश्वविद्यालयों और संस्थानों में तीन लाख नए शिक्षकों की नियुक्त की जाएगी।
- भारत में आईटी कारोबार 177 बिलियन अमेरिकी डॉलर का है। एनडीए बिहार को नेक्स्ट जेनरेशन आईटी हब के रूप में विकसित करेगी। ताकी अगले 5 साल में 5 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर उपलब्ध हों।
- एनडीए सरकार ने बिहार में 10 लाख समूहों के माध्यम से 1.20 करोड़ महिलाओं के जीवन में रोशनी पहुंचाई है। अब एनडीए का संकल्प स्वयं सहायता समूहो और माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं के माध्यम से 50 हजार करोड़ के माइक्रो फाइनेंस से 1 करोड़ नई महिलाओं को स्वावलंबी बनाना है।
- एनडीए का संकल्प 10 हजार चिकित्सक, 50 हजार पैरामेडिकल कर्मियों समेत राज्य में कुल 1 लाख नौकरियां स्वास्थ्य विभाग में देना है। साथ ही 2024 तक एम्स का संचालन शुरू करना है।
- घोषणा पत्र के मुताबिक बाजार समिति की व्यवस्था पहले ही खत्म की जा चुकी है। अब धान और गेंहू के बाद दलहन की खरीद MSP की निर्धारित दरों पर की जाएगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी क्षेत्रों में 30 लाख लोगों को 2022 तक पक्के मकान देंगे।
- 2 वर्षों के अंदर निजी और कोम्फेड आधारित 15 नए प्रोसेसिंग उद्योग खड़े करेंगे।
- अगले 2 वर्षों में इनलैंड यानी मीठे पानी में पलने वाली मछलियों के उत्पादन में राज्य को देश में नंबर वन राज्य बनाएंगे।
- बिहार के 1000 किसान उत्पाद संघों को आपस में जोड़कर सप्लाई चेन विकसित की जाएगी। इससे 10 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।












Click it and Unblock the Notifications