Succes Story NEET: चाट वाले की बेटी तृप्ति ने किया परिवार का नाम रोशन, डॉक्टर बन करेगी सपने साकार

NEET UG Success Story Gaya: बिहार के छात्रों में प्रतिभा की कमी नहीं है, विभिन्न क्षेत्रों में यहां के बेटे और बेटियां प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। आज हम आपको बिहार की बेटी तृप्ति के बारे में बताने जा रहे हैं, जो कि बहुत ही साधारण परिवार से ताल्लुक रखती है और उनके पिता एक चाट की दुकान चलाकर ज़िंदगी बसर करते हैं।

तृप्ति ने दूसरी बार कोशिश करते हुए NEET UG में 720 में से 651 नंबर हासिल कर परिवार का झंडा बुलंद किया है। डीएवी मानपुर से दसवीं तक की पढ़ाई करने वाली तृप्ति ने इंटरमीडिएट की तालीम केंद्रीय विद्यालय से हासिल की है।

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तृप्ति ने बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना देखा था, मेहनत के बल पर वह अपने सपने को साकार करने की तरफ क़दम बढ़ा चुकी हैं। तृप्ति अपनी कामयाबी का श्रेय पिता विजय राज केसरी और माता प्रीति केसरी को देती है।

तृप्ति के पिता के चाट की दुकान गया शहर के रमना रोड पर है। छोटी सी दुकान चलाकर बेटी को डॉक्टर बनाना महंगाई के इस दौर में काफी मुश्किल है, इसके बावजूद विजय राज केसरी ने अपनी बेटी की तालीम के लिए हर मुमकिन कोशश की और कामयाबी की बुलंदियों की ओर कदम रखा।

तृप्ति ने बताया कि उसे फिजिक्स में 99.82 फिसद, केमिस्ट्री में 99.94 फिसद और बायोलॉजी में 95.28 फिसद अंक हासिल हुए हैं। वह इंटरमीडिएट में दाखिला लेने के बाद से ही मेडिकल की तैयारी में जुट गई थी। उसने ख्वाब देखा था कि डॉक्टर बनकर सप्ताह में एक दिन गरीबों का मुफ्त में इलाज करेंगी।

अपने सपने को उड़ान देने के लिए उन्होंने बचपन से ही तैयारी शुरू कर दी थी, तृप्ति ने कहा कि उसने 2022 में पहली कोशिश की थी, उस वक्त 594 नंबर ही हासिल कर पाई थी। दो नंबर की वजह से MBBS नहीं मिल पाया था। इस बार अच्छे नंबर हासिल करने से तृप्ति को उम्मीद है कि अच्छे कॉलेज में दाखिला होगा।

तृप्ति ने अपने एग्ज़ाम की तैयारी को लेकर बताया कि उन्होंने अनअकैडमी से ऑनलाइन क्लासेस की और घर से ही मेडिकल की तैयारी में जुटी हुई थी। इतना ही नहीं मां और पिता की गैरमौजूदगी में पिता की चाट दुकान भी दुकान भी संभालती थी।

तृप्ति के माता प्रीति केशरी ने अपनी बेटी की कामयाबी पर खुशी का इज़हार करते हुए बताया कि चाट बेचकर बेटी को तालीम दिलाना मुश्किल था, लेकिन फिर भी बेटी को शिक्षा दिलाने में कोई कमी नहीं की। आज तृप्ति ने कामयाबी हासिल कर सभी को गौरवांवित किया है। उन्होंने कहा कि हमारी यही दुआ है कि तृप्ति एक देश के बेहतरीन डॉक्टर में शुमार हो और गरीबों का मुफ्त में इलाज करे।

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