सैलरी लौटाने वाले प्रोफेसर के खाते में थे 970 रुपए, चेक भेज दिया 24 लाख का, अब बताया क्यों की ये गलती?
नई दिल्ली, 08 जुलाई: एक भी छात्र को नहीं पढ़ा पाने का हवाला देकर 24 लाख रुपए की अपनी सैलरी लौटाकर सुर्खियों में आए प्रोफेसर ललन कुमार को लेकर अब एक बड़ा खुलासा हुआ है। ललन कुमार ने जिस अकाउंट नंबर का चेक उन्होंने यूनिवर्सिटी को दिया था, उसमें सिर्फ 970.95 रुपये ही हैं। जिसके बाद प्रोफेसर ललन कुमार विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। यही नहीं ललन कुमार ने अपने इस कदम को लेकर माफी मांगी है, इसके साथ ये बताया है कि, उन्होंने ये गलती क्यों की थी?

इसलिए वापस कर दी थी सैलरी
न्यूज 18 की खबर के मुताबिक, कॉलेज में पढ़ाई ना होने का आरोप लगाते हुए 24 लाख रुपये लौटाने वाले प्रोफेसर ललन कुमार ने कहा कि उन्होंने भावनाओं में बहकर यह कदम उठा लिया था, लेकिन अब ऐसा लग रहा हैं कि यह गलत फैसला था। ललन सिंह ने नीतिश्वर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ मनोज कुमार को फॉरवर्ड करते हुए यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ आरके ठाकुर को पत्र लिखा है।
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अब माफीनाम लिख कही ये बात
माफीनामे में प्रोफेसर ललन ने लिखा है कि 6 बार प्रयास के बावजूद ट्रांसफर नहीं होने पर उन्होंने भावावेश में फैसला ले लिया था। ललन ने कहा कि उनकी मंशा कॉलेज की छवि को खराब करने की नहीं थी। कॉलेज के अन्य साथियों से बातचीत के बाद मुझे अहसास हुआ कि ये मैंने गलत कर दिया हैं। प्रोफेसर ललन ने वादा किया है कि वह भविष्य में ऐसा नहीं करेंगे। वहीं रजिस्ट्रार ने प्राचार्य मांगी रिपोर्ट सहायक प्रोफेसर ललन कुमार मामले में बिहार विवि के रजिस्ट्रार डॉ आरके ठाकुर ने कॉलेज के प्राचार्य डॉ मनोज कुमार से रिपोर्ट मांगी है।

24 लाख की सैलरी लौटाने वाले प्रो. ललन कुमार के खाते में थे 970 रुपए
जानकारी के अनुसार, ललन कुमार ने जिस अकाउंट की चैक यूनिवर्सिटी को भेजी है। उस दिन उनके खाते में 968.95 रुपये थे। छह जुलाई को उनके अकाउंट में दो रुपये और क्रेडिट हुए थे। इसके पूर्व 27 जून को खाते से 1.95 लाख रुपये का लेन-देन हुआ है। डॉ ललन कुमार ने विवि को मिठनपुरा एसबीआइ ब्रांच का चेक दिया था। अकाउंट नंबर (20181212259) के चेक (959622) से नियुक्ति तिथि 25 सितंबर, 2019 से मई 2022 तक की सैलरी 23.82 लाख रुपये वापस किया था।

ट्रांसफर के लिए किया था ये ड्रामा?
वहीं इस मामले में एक और एंगल सामने आ रहा है कि, ललन कुमार ने यह पूरा घटनाक्रम अपने ट्रांसफर को लेकर किया था। प्रोफेसर ललन कुमार ने बताया कि जब उनकी जॉइनिंग हुई थी तभी से वो इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरी रैंक अच्छी थी, इसके बावजूद उन्हें नीतीश्वर सिंह कॉलेज में भेज दिया गया, जबकि उससे कम रैंक वालों को पीजी के लिए चयन किया गया। प्रोफेसर ललन कहा कहना है कि, उन्हें ऐसे कॉलेज में भेजा जाए जहां पीजी की पढ़ाई होती हो। कई बार ट्रांसफर की कोशिश की, लेकिन हर बार उनका नाम कट गया।

कॉलेज ने बताया कि कैसी स्थिति में हैं ललन कुमार
वहीं दूसरी ओर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ मनोज कुमार ने बताया कि किसी के दवाब में माफीनाम नहीं सौंपा है, बल्कि उन्हें यह समझ आ गया है कि उन्होंने जो किया वो गलत है। वह मानसिक रूप से काफी परेशान थे, इसलिए उन्होंने दो दिनों की छुट्टी ली है। वहीं इस पूरे मामले पर यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ आरके ठाकुर ने बताया कि उन्होंने माफीनामा भेजा है और इस मामले पर उनसे बात करेंगे। मुजफ्फरपुर के कुलसचिव डॉ. आर.के ठाकुर ने बताया कि प्रोफेसर ललन अपने ट्रांसफर को लेकर परेशान हैं। उन्होंने अपना चेक लौटाया है, लेकिन इसको स्वीकार नहीं किया गया है।












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