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क्या है मुकेश सहनी की जाति, क्यों मचा उनके कास्ट पर बवाल? परिवार के बैकग्राउंड से राजनीति तक पूरी कहानी

Mukesh Sahani Biography: बिहार की राजनीति में अक्सर जाति समीकरणों का बड़ा असर देखने को मिलता है। चुनावी रणनीति बनाते समय से लेकर सत्ता हासिल करने तक, हर जगह यह सवाल खड़ा होता है कि नेता किस जाति से आते हैं और उन्हें किस समुदाय का कितना समर्थन मिलेगा। खासकर बिहार जैसे राज्यों में तो यह समीकरण और भी मजबूत हो जाते हैं, जहां हर विधानसभा सीट पर जातिगत संतुलन ही अक्सर तय करता है कि किस दल या उम्मीदवार की जीत होगी।

इसी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए, हमारी खास सीरीज "जाति की पाती" में हम उन नेताओं की कहानी सामने लाएंगे, जिनकी जाति, समुदाय और पारिवारिक बैकग्राउंड ने उनके राजनीतिक सफर को नई दिशा दी और उन्हें सत्ता की सीढ़ियों तक पहुंचाया। इस लेख में बात विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक मुकेश सहनी की।

Mukesh Sahani Cast

हाल ही में मुकेश सहनी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वजह है उनकी जाति और राजनीतिक बयानों को लेकर उठा विवाद। खुद को हमेशा "मल्लाह का बेटा" कहने वाले सहनी न सिर्फ अपनी जातीय पहचान को राजनीति का हथियार बनाते हैं, बल्कि अपने संघर्ष और मेहनत से उन्होंने बिहार की सियासत में अपनी अलग पहचान बनाई है। अभी हाल ही में लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव ने दावा किया है कि मुकेश सहनी सोनार जाति के हैं। उन्होंने ये भी कहा कि वो ये बात सिर्फ हवा में नहीं बोल रहे हैं, उनके किसी करीबी ने ही दावा किया है कि मुकेश सहनी सोनार जाति के हैं। ऐसे में आइए जानते हैं, आखिर कौन हैं मुकेश सहनी, उनका परिवार और जाति क्या है।

🟡 क्या है मुकेश सहनी की जाति? (Mukesh Sahani Cast)

मुकेश सहनी ऐसे मल्लाह (मछुआरे) समुदाय से आते हैं। हाल ही में एक चैनल के कार्यक्रम में बोलते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि "कई लोग इस इंतजार में हैं कि वे मल्लाह के बेटे के साथ बैठकर मछली खाएं।" उन्हें अक्सर "मल्लाह का बेटा" कहकर भी पुकारा जाता है।

मल्लाह एक पारंपरिक मछुआरा समुदाय है, जिसकी जड़ें उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में गहराई से जुड़ी हुई हैं। इन्हें कई जगहों पर निषाद या केवट नाम से भी जाना जाता है। इस समुदाय का पारंपरिक व्यवसाय सदियों से नदी और जलस्रोतों से जुड़ा रहा है। मल्लाह लोग नदियों में मछली पकड़ने, नाव चलाने और यात्रियों को नदी पार कराने का काम करते आए हैं।

धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो मल्लाह समुदाय मुख्य रूप से हिंदू धर्म का पालन करता है और अलग-अलग प्रकार के हिंदू देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करता है। परंपरा और आस्था से जुड़ा यह समाज आज भी अपनी ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक मूल्यों को संभाले हुए है।

Mukesh Sahani Biography

🟡 Who is Mukesh Sahani: कौन हैं मुकेश सहनी? परिवार और शुरुआती जीवन

मुकेश सहनी का जन्म 31 मार्च 1981 को बिहार के दरभंगा जिले में एक निषाद (मल्लाह) परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम जीतन सहनी और माता का नाम मीना देवी है। घर की आर्थिक स्थिति साधारण थी, यही वजह रही कि बहुत छोटी उम्र से ही उन्हें संघर्ष का सामना करना पड़ा।

किशोरावस्था तक पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने 19 साल की उम्र में बिहार छोड़कर मुंबई का रुख किया। यहां उन्होंने शुरुआत में छोटे-मोटे काम किए। बताया जाता है कि एक समय उन्होंने सेल्समैन की नौकरी भी की। लेकिन उनकी रुचि हमेशा क्रिएटिव कामों में रही। धीरे-धीरे उन्होंने बॉलीवुड में सेट डिजाइनर के तौर पर काम करना शुरू किया और सफलता भी पाई।

Mukesh Sahani Biography

🟡 Mukesh Sahani Political career: मुकेश सहनी के मुंबई से राजनीति तक का सफर

🔹 मुंबई में कामयाबी मिलने के बाद भी मुकेश सहनी ने कभी अपने समाज और जड़ों से नाता नहीं तोड़ा। उन्होंने महसूस किया कि निषाद/मल्लाह समाज शिक्षा, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक समानता से बहुत पीछे है। इसी सोच के साथ उन्होंने समाजसेवा की राह चुनी।

🔹 साल 2010 में "सहनी समाज कल्याण संस्था" की नींव रखी। इसके जरिए उन्होंने समुदाय के लोगों को जागरूक करने और शिक्षा पर ध्यान देने की अपील की। बाद में, 2015 में "निषाद विकास संघ" बनाया, जिसने जिले-दर-जिले काम कर समुदाय को संगठित करने की कोशिश की।

🔹 मुकेश सहनी को पहली बड़ी पहचान तब मिली जब उन्होंने 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए प्रचार किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके प्रयासों को सराहा। हालांकि, भाजपा से उनका रिश्ता ज्यादा लंबा नहीं चला। दरअसल, सहनी का आरोप था कि भाजपा ने उनकी मांग - निषाद समाज को अनुसूचित जाति (SC) श्रेणी में शामिल करने - को पूरा नहीं किया।

🔹 इसके बाद उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक राह बनाने का फैसला किया। 26 जुलाई 2018 को विकासशील इंसान पार्टी (VIP) का गठन हुआ। 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने महागठबंधन के साथ मिलकर तीन सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली।

🔹 फिर आया 2020 का बिहार विधानसभा चुनाव, जहां सहनी की पार्टी ने NDA गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ा। इस बार VIP ने चार सीटों पर जीत हासिल की और बिहार की राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।

🔹 हालांकि, 2022 में सहनी को बिहार सरकार के मंत्रिमंडल से हटा दिया गया। लेकिन इसके बावजूद उनका कद और लोकप्रियता मल्लाह समुदाय में बरकरार है।

🟡 "मल्लाह का बेटा" और जातीय राजनीति

मुकेश सहनी खुद को हमेशा "मल्लाह का बेटा" कहकर संबोधित करते हैं। असल में यह उनकी राजनीति का सबसे बड़ा हथियार है। बिहार की राजनीति में मल्लाह/निषाद समुदाय की आबादी अच्छी खासी है, लेकिन उनका कोई बड़ा नेता नहीं रहा। सहनी ने इस खाली जगह को भरा और आज वे इस वर्ग के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं।

हाल ही में हुए एक कार्यक्रम में उन्होंने यहां तक कहा कि -"बहुत लोग इंतजार कर रहे हैं कि वे मल्लाह के बेटे के साथ मछली खाएं।" इस बयान ने एक बार फिर उनकी जाति को चर्चा का विषय बना दिया।

🟡 Mukesh Sahani Personal Life: मुकेश सहनी निजी जीवन

राजनीति और समाजसेवा से इतर, मुकेश सहनी का निजी जीवन काफी साधारण है। उनकी पत्नी का नाम कविता सहनी है, जो गृहणी हैं। उनके दो बच्चे हैं - रणवीर और मुस्कान। इसके अलावा उनके परिवार में भाई संतोष सहनी और बहन रिंकू सहनी भी हैं।

मुकेश सहनी की कहानी सिर्फ राजनीति की नहीं बल्कि संघर्ष और आत्मनिर्भरता की भी है। एक साधारण मल्लाह परिवार से निकलकर मुंबई तक का सफर और वहां से बिहार की सियासत में अपनी पहचान बनाना आसान नहीं था। आज वे भले ही सत्ता में हों या बाहर, लेकिन यह तय है कि निषाद समाज और "मल्लाह का बेटा" टैग ने उन्हें बिहार की राजनीति का अहम चेहरा बना दिया है।

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