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Motivational Story: 'किसान पिता' के बेटे मनीष का ISRO में चयन, बचपन से ही थे होनहार छात्रों में शुमार

ISRO, Motivational Story: इंसान के अंदर लगन और जज़्बा हो तो वह कामयाबी की बुलंदियों को छू ही लेता है, कुछ इसी तरह की कहानी मनीष कुमार की है। जिनके पिता पेशे से किसान हैं और खुद मनीष ISRO में सेवा देने जा रहे हैं।

खगड़िया जिले के परबत्ता ब्लॉक के झंझरा गांव के रहने वाले मनीष कुमार ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की केंद्रीयकृत भर्ती बोर्ड परीक्षा में 95वीं रैंक हासिल कर अपने जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि ने उन्हें वैज्ञानिक/इंजीनियर एससी (मैकेनिकल) के पद पर नियुक्ति दिलाई है।

ISRO

किसान के बेटे मनीष के पिता राजू शर्मा और माता आशा देवी ने इस उल्लेखनीय मुकाम तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई। मनीष बचपन से ही एक होनहार छात्र रहे हैं, उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव में ही पूरी की और फिर उच्च शिक्षा के लिए पटना चले गए।

इसरो में चयन से ठीक तीन महीने पहले मनीष को भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में लेवल 10 राजपत्रित अधिकारी के पद पर चुना गया था। वर्तमान में, वह भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) में डिप्टी इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं।

यह पद रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में रिसर्च फेलो के रूप में एक वर्ष के कार्यकाल के बाद मिला। मनीष का एक छोटे से गाँव से निकलकर प्रतिष्ठित संगठनों में उल्लेखनीय पदों तक पहुँचने का सफ़र उनकी लगन और कड़ी मेहनत को दर्शाता है।

मनीष की शैक्षणिक और पेशेवर यात्रा न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों को रेखांकित करती है, बल्कि उनके परिवार से मिले समर्थन और प्रोत्साहन को भी उजागर करती है। उनकी क्षमताओं में उनके माता-पिता का विश्वास और उनका अटूट समर्थन उनकी सफलता में सहायक रहा है।

एक किसान के बेटे के एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक/इंजीनियर बनने की यह कहानी प्रेरणादायक है। यह इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प और सही समर्थन के साथ, कोई भी व्यक्ति अपनी पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना महान ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है।

मनीष कुमार की कहानी कई लोगों के लिए उम्मीद और प्रेरणा की किरण है। यह इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ता और पारिवारिक सहयोग से कैसे किसी के सपनों को पूरा करने का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है। मनीष की उपलब्धियाँ न केवल उनके परिवार और गाँव को बल्कि पूरे खगड़िया जिले को भी गौरवान्वित करती हैं, जिससे नई पीढ़ी को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने की प्रेरणा मिलती है।

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