Motivational Story: 2008 में सिर से उठा मां का साया, बेटी अंशु ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किया नाम रोशन
Motivational Story: गांव की वादियों से अंशु कुमारी ने NASA तक का सफर तय किया है। अंशु की कामयाबी पर ग्रामीणों ने खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि बेटी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिले को अलग पहचान दिलाई है।

Motivational Story: इंसान के अंदर अगर कुछ करने की चाहत होती है तो वह चुनौतियों का सामना करते हुए मंज़िल को पा ही लेता है। बिहार के मोतिहारी से ताल्लुक रखने वाली बेटी डॉ. अंशु कुमारी की कहानी कुछ ऐसी ही है। KCTC कॉलेज (रक्सौल) के प्रोफेसर रह चुके चंद्रमा सिंह की बेटी डॉ. अंशु कुमारी की कामयाबी पर आज पूरे गांव के लोग फख्र महसूस कर रहे हैं। डॉ. अंशु कुमारी की मां सविता देवी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी भी रह चुकी हैं। 2008 में अंशु की मां का निधन हो गया, जिसके बाद पिता चंद्रमा सिंह ने अपनी बेटी की परवरिश की। अंशु की तालीम में किसी प्रकार की कोई कमी ना हो इस बात का चंद्रमा सिंह (अंशु के पिता) ने पूरा खयाल रखा।
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गांव की वादियों से NASA तक का सफर
चंद्रमा सिंह के परवरिश का ही परिणाम है कि डॉ. अंशु कुमारी ने गांव की वादियों से NASA तक का सफर तय किया है। अंशु के शिक्षा की बात की जाए तो उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय( पिपराकोठी, मोतिहारी) से 12वीं तक तालीम हासिल की। इसके बाद उन्होंने जयपुर (राजस्थान) का रुख किया और वहां से बी टेक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने IIA बैंगलुरू से एम टेक और इंटीग्रेटेड पीएचडी की डिग्री भी हासिल की। फिर उन्होंने बतौर पोस्ट डॉक्टर रिसर्चर दो सालों तक हेलसिंकी यूनिवर्सिटी फिनलैंड में काम किया। अब उनका बतौर वैज्ञानिक NASA (अमेरिका) सेलेक्शन हुआ है।

मोतिहारी की बेटी ने लहराया परचम
मोतिहारी की बेटी ने डॉ. अशु ने हुनर का परचम लहराते हुए जिले समते प्रदेश और देश का नाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर रोशन किया। दुनया की सबसे मशहूर रिसर्च रिसर्च सेंटर नासा में डॉ. अंशु को नौकरी मिलने पर ग्रामीणों में खुशी की लहर है। रक्सौल (पूर्वी चंपारण) के लोगों का कहना है कि उनकी बेटी डॉ. अंशु कुमारी ने जिले को एक अलग पहचान दी है। भविष्य में वह और भी नाम रोशन करेगी।

यंग साइंसटिस्ट अवार्ड से भी हो चुकी हैं सम्मानित
डॉ. अंशु कुमारी पहले भी कई अवार्ड से सम्मानित की जा चुकी हैं। आपको बता दें कि पिछले साल उन्हें IIT रुड़की में एस्ट्रोफिजिक्स के लिए बेस्ट थेसिस के लिए सम्मानित किया गया था। दिसंबर 2022 में उन्हें IIT इंदौर में यंग साइंसटिस्ट अवार्ड से भी नवाज़ा गया था। पिछले साल ही उन्हें रांची (झारखंड) में MSET की तरफ़ यंग साइंसटिस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया था। रक्सौल (पूर्वी चंपारण) की बेटी डॉ. अंशु अब नासा में अपने हुनर का लोहा मनवाएंगी। अंशु के परिजनों ने बताया कि अंशु बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज़ थी।
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