महाबोधि मंदिर ब्लास्ट: तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा, 5 को 10 साल के लिए जेल
नई दिल्ली, 17 दिसंबर: बिहार के बोध गया में स्थित महाबोधि मंदिर में हुए ब्लास्ट के मामले में शुक्रवार को एनआईए कोर्ट ने फैसला सुनाया। जिसमें तीन लोगों को उम्र कैद की सजा हुई, जबकि अन्य 5 आरोपी अगले 10 साल जेल में गुजारेंगे। ये सभी दोषी जमात-उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के सदस्य थे। आठों दोषियों के वकीलों ने अब मामले में ऊपरी अदालत में जाने की बात कही है।

एएनआई के मुताबिक दोषी सिद्ध हुए लोगों के नाम पैगंबर शेख, अहमद अली, नूर आलम मोमिन, आदिल शेख, दिलवर हुसैन, अब्दुल करीम, मुस्तफिजुर रहमान और आरिफ हुसैन हैं। इन सभी ने मिलकर बिहार के महाबोधि मंदिर में तीन आईईडी लगाई थी। इनके टारगेट VVIP लोग थे, क्योंकि उस वक्त दलाई लामा और बिहार के राज्यपाल के मंदिर आने का प्रोग्राम था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते उन्हें नुकसान नहीं हुआ।
अपने आरोपपत्र में एनआईए ने बताया कि 2018 में आरोपियों ने तीन आईईडी प्लांट की थी। जिसमें एक कालचक्र मैदान के गेट नंबर 5 पर मिली। जब बम निरोधक दस्ता उसे डिफ्यूज कर रहा था, तो उसमें ब्लास्ट हो गया। इसके अलावा एक गेट नंबर 4 पर और एक श्रीलंका के मठ के सीढ़ियों पर मिला। इसके बाद एनआईए ने जांच कर 8 लोगों को गिरफ्तार किया। सबूतों के आधार पर कोर्ट ने 10 दिसंबर को फैसला सुरक्षित रखा लिया था, जिसे शुक्रवार को सुनाया गया।
जुर्म खुद किया कबूल
एनआईए के वकील के मुताबिक जिन तीन दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है, उनमें पैगंबर शेख, अहमद अली, नूर आलम शामिल हैं, जबकि अन्य को 10 साल की सजा हुई। इन सभी को आतंकी गतिविधियों, देश विरोधी, विस्फोटक अधिनियम समेत अन्य कई धाराओं में दोषी करार दिया गया। जांच के दौरान NIA ने दावा किया था कि सभी आरोपियों ने अपने जुर्म कबूल कर लिए थे।












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