Loksabha Election: देश के अगले प्रधानमंत्री को लेकर INDIA और NDA के बीच ज़ुबानी जंग जारी

Loksabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनज़र सियासी पार्टियां राजनीतिक ज़मीन मज़बूत करने में जुट गई हैं। इसी क्रम में जदयू ने ट्वीटर पोस्ट कर केंद्र की भाजपा सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। जदयू के 'ट्विटर बम' ने प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा दिया है।

देशभर में अगले प्रधानमंत्री को लेकर चर्चा तेज़ हो गई है। वहीं राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी आखिरी का वक़्त ख़त्म हो चुका है। हम लोग आगे आने वाले हैं। इससे पहले JDU ने प्रधानमंत्री पर तंज़ कसा था।

Loksabha Election

INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने के बाद बिहार भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने तंज़ भरे लहजे में कहा कि लालू यादव को नीतीश कुमार और JDU ने सलाखों के पीछे भेजा। कांग्रेस ने ऑर्डिनेंस को फाड़ दिया। लालू अब सज़ायाफ़्चा हैं, वह मुखिया पद भी हासिल नहीं कर सकते। उनकी बातों का मैं क्या जवाब दूं?

JDU और RJD के बयान के बाद जमुई सांसद और लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी पलटवार किया है। चिराग पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगली बार भी वहीं से झंडा फहराएंगे। देश की जनता ने यह विश्वास दिया है।

हम लोगों को 2019 से भी बड़ा जनादेश 2024 में मिलेगा, इसमे कोई शक नहीं है। पीएम मोदी के लाल किले पर अगली बार झंडा फहराने को लेकर जो लोग बयान दे रहे हैं, वो कहीं न कहीं अपनी घबराहट छिपा रहे हैं। अगले चुनाव तक उनके गठबंधन टीक पाने पर भी संदेह है। उन्हें मुख्यमंत्री पर ही यक़ीन नहीं है, इसलिए दूसरों पर उंगलियां उठा रहे हैं।

प्रधानमंत्री को लेकर सियासी बयानबाज़ी पर राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अभी चुनावी चर्चा शुरू ही हुई है। NDA और INDIA के प्रधानमंत्री उम्मीदवार पर चर्चा बाद में होनी चाहिए थी, पहले देश के सियासी समीकरण पर बात होनी चाहिए। NDA के मुक़ाबले INDIA ज़मीनी स्तर पर मज़बूत दिख रही है। लेकिन महागठबंधन में अभी अजमंजस की स्थिति बनी हुई है।

NDA का स्टैंड क्लियर है कि उनके पीएम कौन होंगे, किस तरह सीटों का बंटवारा होगा?। 'INDIA' में प्रधानमंत्री उम्मीदवार को लेकर ही सहयोगी दलों की दो राय है। सियासी पार्टियां अपने लिए सीटों को लेकर दबाव की सियासत कर रही है। महगठबंधन के नेताओं को प्रधानमंत्री मोदी के झंडा फहराने पर बयान देने की बजाय, जीत की रणनीति पर चर्चा करनी चाहिए।

'INDIA' के पक्ष में मतदाता तो आ रहे हैं, लेकिन सहयोगी दलों में ही मतभेद दिख रहा है। वहीं NDA की बात की जाए तो उनके कार्यकर्ता ज़मीनी स्तर पर पार्टी को मज़बूत करने में जुटे हुए हैं। भाजपा की रणनीति को भेदने के लिए महागठबंधन के नेताओं को खासी मेहनत करने की ज़रूरत है। लेकिन यह लोग सिर्फ बयानबाज़ी कर ही जीत का दावा कर रहे हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+