Lok Sabha Polls 2024: रोचक हो रहा वाल्मीकि नगर का चुनावी रण, BJP के बागी दिनेश अग्रवाल ने बढ़ाई NDA की टेंशन!
Bihar Valmiki Nagar Seat: लोकसभा चुनाव 2019 में बिहार की 40 में से 39 सीटें जीतने वाला एनडीए इस बार अपनों से ही जूझ रहा है। पश्चिम चंपारण की वाल्मीकि नगर सीट पर एनडीए के बागी प्रत्याशी ने टेंशन बढ़ी दी है। टिकट के दावेदार माने जा रहे दिनेश अग्रवाल ने अब बागी तेवर दिखाते हुए नामांकन भर दिया, जिसके बाद अब वाल्मीकि नगर सीट पर चुनावी रण काफी रोचक हो गया है।
दरअसल, टिकट कटने के बाद भाजपा के बागी नेता दिनेश अग्रवाल ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने का दम भरा और पर्चा दाखिल करने के बाद सीधी टक्कर में आ गए। ऐसे में जानिए क्या कहते हैं वाल्मीकि नगर के सियासी समीकरण?

इस लोकसभा सीट पर बीजेपी से कई दावेदार टिकट की लड़ाई में थे, जिनमें आरएसएस कार्यकर्ता दिनेश अग्रवाल को भी बड़ा दावेदार माना जा रहा था, लेकिन अब ये सीट जेडीयू के खाते में चली गई, जिसके चलते वो निर्दलीय चुनाव मैदान में आ गए।
इसी के साथ निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. दिनेश अग्रवाल के मुताबिक वाल्मीकि नगर के विकास और समृद्धि के सपने को साकार करने के लिए वो संकल्पित हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते कहा कि, "मेरा लक्ष्य है कि हमारे क्षेत्र को उन्नति के रास्ते पर ले जाना, जहां हर नागरिक को समान अवसर मिले। हमें शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार के क्षेत्र में सुधार करने के लिए प्राथमिकता देनी चाहिए।"
वहीं बीजेपी से अपने संबंध पर और टिकट ना मिलने के सवाल पर दिनेश अग्रवाल से कहा कि मैं स्वयंसेवक हूं और स्वयंसेवक खुद की सुनता है। इसी के साथ उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि यहां कुछ विकास नहीं हुआ है, इसी को देखते हुए मुझे निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय लेना पड़ा।
25 मई को छठे चरण में वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट पर चुनाव होने वाला है। यहां आरजेडी ने दीपक यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है। जबकि एनडीए के गठबंधन के तहत ये सीट जेडीयू के खाते में गई है, जिसके चलते जदयू ने सुनील कुमार पर फिर से भरोसा जताया है। वहीं अब निर्दलीय भी लड़ाई में कूद पड़े हैं, जिसके चलते दोनों ही दलों की टेंशन बढ़ सकती है।
वाल्मीकि नगर सीट का इतिहास
दरअसल, 2008 में हुए परिसीमन से पहले वाल्मीकिनगर लोकसभा सीट को बगहा के नाम से जाना जाता था। इसके बाद नए संसदीय क्षेत्र बनने के बाद वाल्मीकि नगर में एक उपचुनाव सहित चार बार लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। अब तक सभी चारों में एनडीए का ही कब्जा रहा है, जिसमें तीन बार जेडीयू और साल 2014 में बीजेपी के जीत दर्ज की थी।
पिछले दो चुनावों पर एक नजर
2019 में जदयू के बैद्यनाथ प्रसाद महतो 6,02,660 वोटों से जीते थे, उन्होंने कांग्रेस के शाश्वत केदार को हराया था। 2020 में बैजनाथ महतो का निधन हो गया, जिसके बाद उपचुनाव में बैजनाथ महतो के बेटे और जेडीयू उम्मीदवार सुनील कुमार कुशवाहा ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रवेश मिश्र को हराया।
वहीं 2014 के चुनाव में बीजेपी के सतीश चंद्र दुबे ने जीत दर्ज की थी। सतीश चंद्र दुबे ने कांग्रेस के पूर्णमासी राम को एक लाख 18 हजार वोटों से हराया था।












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