Bihar Chunav Result 2024: बीजेपी के कोर वोटर्स की नाराजगी, पड़ी एनडीए के वोट बैंक पर भारी?
Bihar Lok Sabha Chunav Result: बिहार में लोकसभा चुनाव के रुझान एनडीए के पक्ष में जाते नजर आ रहे हैं। जबकि आरजेडी, जिससे इस चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही थी उम्मीदों और खरी नहीं उतर पा रही है। अब तक आए रुझानों में आरजेडी को केवल 3 सीटों पर बढ़त मिलती नजर आ रही है।
हालांकि, जिन सीटों पर आरजेडी को बढ़त मिलती दिख रही है वो एनडीए के लिए चिंता का विषय है। पाटलिपुत्र सीट, जहां लालू प्रसाद यादव के पुराने साथी और वर्तमान बीजेपी सांसद रामकृपाल यादव हैट्रिक लगाने की कोशिश में थे। जबकि, औरंगाबाद और जहानाबाद जहां भूमिहार जाति के वोटर्स की संख्या ज्यादा है।
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इन इलाकों में एनडीए के प्रत्याशियों को कम वोट मिलना भूमिहार वोटर्स के मन में एनडीए को लेकर नाराजगी दिखाता है। औरंगाबाद और जहानाबाद खास कर के अगड़ी जाति का क्षेत्र है। बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए को भी अगड़ी जातियों के गठबंधन के रूप में पहचान मिली हुई है।
औरंगाबाद में राजद के अभय कुमार सिंह सुशील कुमार सिंह से आगे चल रहे हैं। वहीं, जहानाबाद से आरजेडी के सुरेंद्र प्रसाद यादव जेडीयू के चंद्रेश्वर प्रसाद यादव से आगे चल रहे हैं।
औरंगाबाद में आरजेडी कर रही डॉमिनेट
राजपूत बहुल क्षेत्र औरंगाबाद में हमेशा से राजपूत कैंडिडेट डॉमिनेट करते रहे हैं। इस बार लालू यादव ने यहां दो प्रयोग किए थे। पहला, चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस से सीट छीन लेना और दूसरा बिना महागठबंधन में चर्चा के यहां से अभय कुशवाहा को टिकट दे देना।
भाजपा ने सीटिंग सांसद सुशील सिंह पर ही दांव लगाया था। हालांकि, इसका लाभ उन्हें मिलता हुआ नहीं दिख रहा है। इस बार महागठबंधन से राजपूत कैंडिडेट ना होने के बाद भी एनडीए की और वोटों का रुझान बीजेपी के कोर वोटर्स की पार्टी के साथ नाराजगी दिखाती है।
जहानाबाद में मुस्लिम और यादव वोटर एकजुट
जहानाबाद के त्रिकोणीय मुकाबले में राजद का पलड़ा शुरू से ही भारी दिख रहा है। जहानाबाद में इस बार 2019 की तरह ही जदयू के चंदेश्वर चंद्रवंशी और राजद के सुरेंद्र यादव के बीच टक्कर देखने को मिली है। लेकिन बसपा के अरुण कुमार की उम्मीदवारी से मुकाबला त्रिकोणीय होने की उम्मीद थी।
यादव और भूमिहार बहुल इस सीट पर जिस भूमिहार के सपोर्ट से एनडीए कैंडिडेट जीतते रहे हैं वो इस बार जदयू का साथ छोड़ बसपा के अरुण कुमार के साथ हो गए। इसका खामियाजा एनडीए को होता हुआ साफ तौर पर देखा जा रहा है। जबकि राजद के कोर वोटर यानी कि मुस्लिम और यादव एकजुुट दिखे हैं। यही वजह से कि इन सीटों पर एनडीए को नुकसान होता नजर आ रहा है।
भारत के सबसे अधिक आबादी वाले और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों में से एक के रूप में, बिहार का चुनावी परिणाम न केवल क्षेत्रीय भावना का एक बैरोमीटर है, बल्कि व्यापक राष्ट्रीय रुझानों का एक संभावित संकेतक भी है। इस चुनाव में प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है।
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