Lok Sabha Chunav 2024: कभी निर्दलीय जीते थे यह बाहुबली नेता, क्या बन पाएंगे ‘इंडिया गठबंधन’ के खेवनहार
Bihar Lok Sabha Chunav 2024: बिहार में इंडिया गठबंधन को मज़बूत करने के लिए दिग्गज नेता पप्पू यादव ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। बुधवार को पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी का कांग्रेस में विलय हो गया। अपने बेटे के साथ पप्पू यादव कांग्रेस में शामिल हुए।
आपको बता दें कि पप्पू यादव की पत्नी रंजीत रंजन पहले से ही कांग्रेस नेत्री हैं। कांग्रेस ने उन्हें छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य बनाया है। पत्नी के बाद अब पति (पप्पू यादव) ने बेटे के साथ कांग्रेस के हाथ को मज़बूत करने की ज़िम्मेदारी उठाई है।

पीएम मोदी के ख़िलाफ़ बिहार में पप्पू यादव जीत की रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। सियासी गलियारों में पप्पू यादव के सियासी इतिहास की चर्चा तेज़ हो गई है। लोगों का कहना है कि एक समय पप्पू यादव का ऐसा क्रेज़ था, कि उन्होंने निर्दलीय चुनावी दांव खेला और सांसद चुन लिए गए थे।
इंडिया गठबंधन में आने के बाद क्या उनका जलवा बरकरार रहे रहेगा। ऐसे में पप्पू यादव के सांसद बनने के सफ़र पर एक निगाह डालते हैं। पप्पू यादव ने साल 1991 में लोकसभा सफर की शुरुआत की,और निर्दलीय जीत दर्ज करते हुए सांसद चुने गए।
1996 में दूसरी बार समाजवादी पार्टी की टिकट पर पप्पू यादव पूर्णिया से सांसद चुने गए। राजेंद्र गुप्ता (भाजपा उम्मीदवार) को 3,16,155 मतों के भारी अंतर से चुनावी मात दी थी। 1998 के लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार कृष्ण मंडल से 35,817 मतों से हार गए थे।
1999 के चुनाव में बतौर निर्दलीय उम्मीदवार तीसरी बार सांसद चुने गए। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार जयकृष्ण मंडल को 2,52,566 मतों से हराया था। 2004 के लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार उदय सिंह 12,887 मतों से पप्पू यादव को हरा दिया था।
इसके बाद मुकदमे की वजह से पप्पू यादव चुनावी रेस से बाह हो गए थे। अब पप्पू यादव इंडिया गठबंधन के साथ चुनावी दांव खेल रहे हैं, देखना यह होगा कि क्या बिहार में वह कांग्रेस के खेवनहार बन पाते हैं, उनका पुराना जलवा बरकरार रह पाता है या नहीं।












Click it and Unblock the Notifications