लश्कर का आतंकी बिहार में कोचिंग की आड़ से बना रहा था टीम

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पटना। लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी शेख अब्दुल नईम छत्तीसगढ़ के रायपुर से फरार होने के बाद बिहार के गोपालगंज पहुंचा, जहां नाम-पता बदलकर रह रहा था। नईम रायपुर से बिहार पहुंचा और अपना नाम बदल कर सोहेल रख लिया और बच्चों को पढ़ाने का काम शुरू किया। साल 2014 से बिहार के गोपालगंज में नाम-पता बदल कर रहने वाले आतंकी शेख अब्दुल नईम का खुलासा होने के बाद स्कूल प्रबंधक के साथ-साथ कोचिंग संस्थान भी सकते में है। कोचिंग संस्थान और स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ वो अपनी आतंकी टीम भी तैयार कर रहा था। बता दें कि गोपालगंज के जंगलिया में अपना नाम बदलते हुए उसने एक मकान किराए पर लिया और वहीं सोहेल खान के नाम से बैंक अकाउंट और मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा लिया। इसके साथ-साथ पासपोर्ट और फर्जी सर्टिफिकेट बनवाया। जिसके बाद वो गोपालगंज के नगर थाना क्षेत्र स्थित जोधपुर रोड में आईआईएल नाम के कोचिंग संस्थान में मोटिवेशन देने का काम करने लगा।

टीचर बन करता था ब्रेन वॉश

टीचर बन करता था ब्रेन वॉश

लगभग साल भर कोचिंग संस्थान में पढ़ाने के बाद वो एक निजी स्कूल में अपने दोस्तों के साथ शिक्षक के रूप में जुड़ा और साल 2016 तक बच्चों को पढ़ाता रहा और आतंकी संगठन की भी तैयारी करता रहा। इसी दौरान देश में अलग-अलग जगहों पर हुए आतंकी हमले को लेकर एनआईए की टीम आतंकी शेख अब्दुल नईम की तलाश कर रही थी। जब एनआईए की टीम शेख अब्दुल नईम की तलाश करते हुए गोपालगंज पहुंची तो इस बात की भनक उसे लग गई और टीम के पहुंचने से पहले ही वो कहीं भूमिगत हो गया। जिसके बाद एनआईए की जांच शुरू हुई और उसने कोचिंग सेंटर को खाली करवा दिया। इसी बीच 28 नंवबर को एनआईए ने वाराणसी से शेख अब्दुल नईम को गिरफ्तार कर लिया। नईम से पूछताछ करने के बाद यूपी के प्रतापगढ़ से शाहनवाज को गिरफ्तार किया था।

NIA कर रही है संदिग्धों की तलाश

NIA कर रही है संदिग्धों की तलाश

वहीं पूछताछ के बाद गोपालगंज के सरैया मोहल्ले से बेदार बख्त उर्फ धन्नु राजा की गिरफ्तारी हुई। इन सभी की गिरफ्तारी के बाद से जुड़े लश्कर-ए-तैयबा के संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए एनआईए की टीम गोपालगंज में लगातार छापेमारी कर रही है। आतंकी नईम के बाद लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बेदार बख्त उर्फ धन्नु राजा की गिरफ्तारी होने पर एनआईए शहर के कई लोगों से पूछताछ कर रही है। सूत्रों की अगर मानें तो लगातार एनआईए की टीम नईम से जुड़े तथ्यों की जांच करने में लगी हुई है। इसको लेकर कई जगहों पर छापेमारी भी की गई है। फिलहाल एनआईए ये भी जांच कर रही है कि नईम का पासपोर्ट कैसे बना, आधार कार्ड कैसे जारी हुआ और बैंक अकाउंट खुलवाने में कौन पहचानकर्ता था? तो दूसरी तरफ ऐसा कहा जा रहा है कि आतंकी नईम ने गोपालगंज में सोहेल खान बनकर जोधपुर रोड के हरि मार्केट में दोस्त के साथ स्मार्ट लर्नर एकेडमी कोचिंग खोल रखी थी। जिसमें वो युवाओं को अपने संगठन से जुड़े खास तरह के मोटिवेशन करने का काम करता था।

कहां से मिलता रहा फंड?

कहां से मिलता रहा फंड?

इसमें करीब 50 लाख रुपए से कंप्यूटर, प्रोजेक्टर, इंटरनेट की अत्याधुनिक संसाधनों को लगाया था। वहीं आतंकी शेख अब्दुल नईम का बैंक अकाउंट नगर थाने के जंगलिया स्थित बैंक ऑफ इंडिया में था। जिसका पता जंगलिया वॉर्ड 19 दिया हुआ था, सोहेल खान के नाम से खुले इस अकाउंट में पिता का नाम मोहम्मद अली तो बैंक अकाउंट खोलवाने के लिए आतंकी ने किसको गारंटर बनाया था। इसका खुलासा नहीं हो सका है। अकाउंट में पैसा कहां-कहां से आ रहा था, जांच एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं। वहीं सूत्रों की अगर मानें तो बैंक कर्मियों से भी पूछताछ करने की तैयारी की जा रही है, जांच एजेंसी ये जानकारी लेने में जुटी है कि नईम के पास पैसे कहां से आते थे और आतंकी फंड पहुंचने का माध्यम क्या था?

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English summary
Lashkar terrorist was organising in Bihar as a Coaching teacher
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