Bihar Chunav: 'ये बर्दाश्त के बाहर है', बहन रोहिणी आचार्य के बागी तेवर पर पहली बार बोले तेजस्वी यादव
Lalu Yadav family Controversy: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लालू यादव परिवार में हलचल तेज हो गई है। रोहिणी आचार्य की नाराजगी की खबरों के बीच अब उनके भाई और राजद नेता तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया दी है। शुक्रवार (26 सितंबर, 2025) को पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी ने कहा कि कुछ लोग ट्रोलर्स की तरह सोशल मीडिया पर गलत कमेंट कर रहे हैं और रोहिणी दी पर आरोप लगा रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि रोहिणी हमेशा परिवार और पार्टी के लिए समर्पित रही हैं और उनका उद्देश्य कभी व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं रहा।

रोहिणी दी ने बड़ा बलिदान दिया है- तेजस्वी
Tejashwi Yadav ने कहा कि, रोहिणी दी की पार्टी और परिवार के प्रति निष्ठा हमेशा स्पष्ट रही है। कभी भी रोहिणी दी की इच्छा अपने स्वार्थ में नहीं रही है। पार्टी को आगे बढ़ाने में रही हैं। हमको आगे बढ़ाने में जो कर सकती हैं, कर रही हैं। ना टिकट पाना, ना किसी को टिकट दिलवाना, ना कोई पद पाना - कोई इच्छा नहीं रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि रोहिणी ने परिवार के लिए बड़ा बलिदान दिया है। हमारी बहन ने अपने पिता को किडनी दी। यह बलिदान आजकल कम ही देखने को मिलता है। रोहिणी दी ने पार्टी को मजबूत किया और हमारे आत्मविश्वास को बढ़ाया। लोग चाहते थे कि उन्हें छपरा से टिकट मिले और लालू जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता की मांग को देखते हुए उन्हें टिकट दिया।
ये बर्दाश्त के बाहर है- तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने आगे कहा, कुछ लोग रहते हैं बीजेपी के, कुछ लोग ट्रोलर्स रहते हैं, रहते सब दल में हैं और तरह-तरह के कमेंट करने लगते हैं। ट्रोलर हमको भी गाली देता है, लालू यादव को भी गाली देता है। जो लोग भी हमारी बहन पर उंगली उठा रहे हैं, ये बर्दाश्त के बाहर है। ठीक बात नहीं है। किसी की मां-बहन पर इस तरह का लांक्षण लगाना ठीक नहीं है।
'रोहिणी दी हमेशा परिवार और पार्टी के लिए समर्पित रही हैं'
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर रोहिणी के प्रति लगाए जा रहे आरोपों को राजनीतिक मुद्दा बनाने से इनकार किया। उनका कहना है कि पार्टी और बिहार के विकास पर ही ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि रोहिणी दी हमेशा परिवार और पार्टी के लिए समर्पित रही हैं और उनके कार्यों से पार्टी को मजबूती मिली है।
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क्यों नाराज हुईं थी रोहिणी आचार्य?
लालू परिवार में ताजा विवाद का केंद्र तेजस्वी यादव के करीबी और राजनीतिक सलाहकार संजय यादव बने हैं। पिछले दिनों लालू यादव की बेटी Rohini Acharya ने तेजस्वी यादव की 'बिहार अधिकार यात्रा' की एक तस्वीर शेयर की थी, जिसमें एक बस में संजय यादव को आगे की सीट पर बैठे देखा गया। यह सीट आमतौर पर लालू या तेजस्वी जैसे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लिए आरक्षित होती है। तस्वीर वायरल होने के बाद रोहिणी ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें लिखा था, 'फ्रंट सीट पर लालू जी और तेजस्वी यादव को बैठे देखना स्वीकार्य है, किसी और को नहीं।'
इस पोस्ट के बाद उन्होंने अपने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट से परिवार और पार्टी के सदस्यों को अनफॉलो कर दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया। बाद में रोहिणी ने स्पष्ट किया कि उनकी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है, लेकिन उनके इस कदम ने नाराजगी की खबरों को और पुख्ता कर दिया।
रोहिणी को मिला तेज प्रताप का समर्थन
तेज प्रताप यादव ने खुलकर रोहिणी आचार्य का समर्थन किया और संजय यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो भी उनकी बहन का अपमान करेगा, उस पर भगवान कृष्ण का 'सुदर्शन चक्र' चलेगा। तेज प्रताप पहले भी कई बार संजय यादव को 'जयचंद' कह चुके हैं और परिवार या पार्टी से निष्कासन को 'जयचंदों की करतूत' बताते रहे हैं। उन्होंने बार-बार यह चेतावनी दी कि ऐसे लोगों को सबक सिखाया जाएगा।
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