Bihar News: 'महागठबंधन और इंडिया ब्लॉक का गणित बिगड़ चुका है': नीतीश के जाने पर और क्या बोले लालू के करीबी?
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भाजपा के साथ हाथ मिलाने से महागठबंधन और इंडिया ब्लॉक का समीकरण पूरी तरह से बिगड़ चुका है। विपक्षी गठबंधन को लेकर हताशा भरी यह बात आरजेडी के बड़े नेता और लालू यादव के करीबी शिवानंद तिवारी ने कही है।
शिवानंद तिवारी ने मंगलवार को इंडियन एक्सप्रेस को बताया है कि नीतीश का विपक्षी गठबंधन से निकलना बिहार समेत पूरे देश में इंडिया ब्लॉक के लिए बहुत बड़ा झटका है।

'अब महगठबंधन और इंडिया ब्लॉक के लिए बहुत ही मुश्किल हो गया है'
जब तिवारी से बिहार के सीएम और जेडीयू सुप्रीमो के ताजा फैसले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'निश्चित रूप से राजनीतिक समीकरण उल्टा-पुल्टा हो गया है। जब नीतीश हमारे साथ थे, तो हम स्पष्ट रूप से लाभ की स्थिति में थे। लेकिन, अब महगठबंधन और इंडिया ब्लॉक के लिए यह बहुत ही मुश्किल हो गया है।'
शिवानंद तिवारी लालू यादव की पार्टी आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और पहले नीतीश कुमार के साथ भी काम कर चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव के परिणामों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा है कि कांग्रेस और लेफ्ट के साथ आरजेडी को बड़ी जमीन तैयार करनी होगी।
उनके मुताबिक, '....तेजस्वी ने यह अच्छा किया है कि उनके नेतृत्व में (सरकार में) मिली सफलताओं का श्रेय लेने की कोशिश की है। हमें इस मोमेंटम को कायम रखना होगा और हमारी ए टू जेड (सभी समुदायों के लिए) राजनीति पर काम करना होगा।'
2019 में बिहार की 40 सीटों में एनडीए 39 सीटें जीत गया था और महागठबंधन में सिर्फ कांग्रेस को एक सीट मिली थी। जबकि, लालू यादव की आरजेडी को एक भी सीट नहीं मिल पायी थी।
'राबड़ी देवी से हाथ जोड़कर माफी मांगी थी'
हालांकि, नीतीश के फैसले पर हैरानी जताते हुए उन्होंने कहा कि वह उन्हें वर्षों से जानते हैं, और इतना ही कह सकते हैं कि वे पहले ऐसे नेता नहीं थे।
तिवारी ने सवाल किया कि 'मैं जानना चाहता हूं कि उन्हें अगस्त 2022 में महागठबंधन में शामिल होने के लिए किसने कहा था। मैं भी इसका गवाह हूं कि कैसे उन्होंने 2022 में हमारी ओर लौटने के बाद 2017 में बीजेपी में जाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से हाथ जोड़कर माफी मांगी थी.....उस वक्त मुझे भरोसा हो गया कि अब वे यहीं रहेंगे और मंडल की राजनीति को एक सही दिशा देंगे, जिसका हम सब ने इतने सालों तक समर्थन किया है।'
नीतीश को राजनीतिक फायदा मिल सकता है-शिवानंद तिवारी
जब लालू के सहयोगी से नीतीश के भविष्य की राजनीति को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने उनके अति पिछड़ों (ईबीसी) की राजनीति और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा तक के दौरान के सियासी हालातों का जिक्र किया।
वे बोले, 'मुझे यह भी याद है कि कैसे नीतीश, मंगनी लाल मंडल और मैंने और कुछ अन्य नेताओं ने सबसे पहले 1992 में ईबीसी को सामाजिक न्याय की योजना का हिस्सा बनाने की बात की थी। अब, मुझे हैरानी होती है कि 2022 में नीतीश जाति सर्वे की थीम के साथ समाजवादी खेमे में कैसे लौटे और सही मोमेंटम बनाया था....'
उन्होंने कहा, 'उन्हें अब राजनीतिक फायदा मिल सकता है, लेकिन उनकी राजनीति अपने सभी मूल मूल्यों को खो चुकी है....'












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